
बिजली
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प्रदेश में बिजली की मांग 30 हजार मेगावाट पार करते हुए एक बार फिर नया रिकॉर्ड कायम किया है। 12 जून की रात 10 से 11 बजे के बीच 35 मिनट तक 30240 मेगावाट बिजली की आपूर्ति की गई। विभाग आपूर्ति के इस रिकॉर्ड को लेकर गदगद है, जबकि उपभोक्ता परिषद का आरोप है कि 24 घंटे आपूर्ति के दावे के बाद भी ग्रामीण इलाके में धड़ल्ले से बिजली कटौती की जा रही है।
देश में 30 हजार से अधिक मेगावाट बिजली आपूर्ति करने वाला उत्तर प्रदेश पहला राज्य है। यहां 12 जून की रात 10 बजे के बाद अचानक से मांग बढ़ी। यह मांग 30240 मेगावाट तक पहुंच गई। पावर कारपोरेशन प्रबंधन का दावा है कि वह इस मांग को बखूबी पूरा किया। इतना ही नहीं एक दिन में अधिकतम विद्युत खपत 65.35 करोड़ यूनिट का भी नया रिकार्ड बनाया। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन अध्यक्ष डॉ आशीष गोयल ने कहा है कि प्रदेश के उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली आपूर्ति दी जा रही है। विदयुत कर्मियों की कर्मठता से आपूर्ति के रिकार्ड भी बन रहे है। 11 जून को विद्युत मांग 29,820 मेगावाट थी, जो 12 जून को 30240 मेगावाट पर पहुंच गई।
व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश
कारपोरेशन अध्यक्ष डॉ आशीष कुमार गोयल ने सभी विद्युत वितरण निगमों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बिजली की मांग अभी और भी बढ़ सकती है। इसके लिए तत्पर रहें। बढ़ोत्तरी को देखते हुए सावधानी बरतें। सभी कार्मिक इस चुनौतीपूर्ण समय में पूरी लगन और मेहनत के साथ अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन करें। उपभोक्ताओं के फोन उठाएं, क्षेत्र में पेट्रोलिंग करें तथा टोल फ्री नम्बर 1912 पर आने वाली सूचनाओं पर तत्काल कार्यवाई करें। लोकल फाल्ट के कारण विद्युत आपूर्ति के बाधित होने की स्थिति में विदयुत कर्मी कम से कम समय में ठीक कर आपूर्ति बहाल करें।
अधीक्षण अभियंता संभव को प्रतिकूल प्रविष्टि
मुरादाबाद जोन की समीक्षा करते हुए कारपोरेशन अध्यक्ष डा. आशीष कुमार गोयल ने संभल के अधीक्षण अभियंता को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया। उन पर बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार न कर पाने, विद्युत राजस्व वसूली के कार्यो की प्रगति न होने पर नाराजगी जताई और चेतावनी दी।
24 घंटे आपूर्ति का दावा पूरा करेंः वर्मा
राज्य उपभओक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि प्रदेश के बिजली उपभोक्ता कड़ाके की गर्मी में बिजली के लिए परेशान हैं। कारपोरेशन की ओर से 24 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा किया जा रहा है। यह दावा पूरी तरह से कागजी है। हकीकत यह है कि ग्रामीण इलाके में घंटों बिजली नहीं मिल रही है। रात के वक्त की कटौती से उपभोक्ता परेशान हैं। यह कटौती लोकल फाल्ट के नाम पर की जा रही है। पावर कॉरपोरेशन विद्युत आपूर्ति का रोज रिकॉर्ड बनाने का दावा करके अपनी पीठ थपथपा रहा है। 12 की रात 10 बजे से 11 के बीच केवल 35 मिनट के लिए 30 हजार मेगावाट से अधिक आपूर्ति की गई है। जबकि उपभोक्ता को 24 घंटे बिजली चाहिए। कारपोरेशन और निगमों को अपने संसाधन बढ़ाते ुहए उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली देने के लक्ष्य पर काम करना चाहिए। परिषद अध्यक्ष ने दावा किया कि उनके पास जौनपुर, बलिया, बरेली, औरैया, बदायूं, बांदा सहित सभी जिलों से उपभोक्ता यह शिकायत कर रहे हैं कि लगातार बिजली कटौती हो रही है।
