
नेपाल में हुई बारिश से बाढ़।
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बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पिछले 24 घंटों में चार लोगों की मौत हो गई। इनमें श्रावस्ती, सोनभद्र और फतेहपुर में एक-एक व्यक्ति की डूबने से मौत हो गई जबकि इटावा में भारी बारिश से एक व्यक्ति की मौत हो गई। सरकारी आंकड़ों के अनुसार गंगा नदी बदांयू के कछलाब्रिज, गाजीपुर और बलिया में जबकि शारदा नदी लखीमपुर खीरी के पलियाकलां में और घाघरा नदी बाराबंकी के एल्गिन ब्रिज, अयोध्या में बलिया के तुर्तीपार में खतरे के जलस्तर से ऊपर बह रही हैं। बाढ़ से अब तक 41 जिले प्रभावित हुए हैं जबकि पिछले 24 घंटों में 21 जिले बाढ़ की चपेट में आ गए। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एनडीआरएफ की 14, एसडीआरएफ की 15 और पीएसी की 48 टीमें तैनात की गई हैं।
नेपाली पानी से बाढ़ विकराल, 550 घरों में घुसा पानी
सरयू ने विकराल रूप धारण कर लिया है। नेपाल में भारी बारिश के बाद बैराजों से छोड़े गए आठ लाख क्यूसेक पानी के चलते सरयू में उफान तेज हो गया है। आलम यह है कि सरयू ने इस सत्र के उच्चतम जलस्तर को स्पर्श कर लिया है। सरयू लाल निशान से 59 सेमी ऊपर बह रही है। जिसके चलते सदर व रुदौली तहसील के 550 घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। करीब आठ हजार की आबादी प्रभावित है, लोग तेजी से तटबंधों पर शरण ले रहे हैं।
पिछले 24 घंटे में सरयू के जलस्तर में 19 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई है। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार की शाम छह बजे सरयू का जलस्तर 93. 32 मीटर रिकॉर्ड किया गया जो कि खतरे के निशान 92़ 73 मीटर से 59 सेमी ऊपर है। बाढ़ के चलते रुदौली के 11 गांव व सदर तहसील के करीब 12 गांव प्रभावित हैं। पूराबाजार के 150 घरों में बाढ़ का पानी भर गया है। जबकि रुदौली तहसील के विभिन्न गांवों के करीब 400 घरों मे बाढ़ का पानी घुस गया है। ये सभी परिवार पलायन की तैयारी कर रहे हैं, कुछ ने तटबंधों पर शरण ले रखी है।
वहीं शहरी इलाकों में भी पानी प्रवेश कर रहा है। अयोध्या धाम के सरयू के घाटों की सीढि़यां पानी में डूब गई हैं। पुरोहितों की चौकियां बाढ़ में बह गईं। जबकि श्मशान घाट पूरी तरह से डूब गया है। रामघाट हाल्ट रेलवे स्टेशन के पीछे स्थित फटिक शिला मंदिर के प्रवेश द्वार तक बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। मंदिर से बाहर निकलना संतों के लिए मुश्किल हो गया है। सबसे ज्यादा दिक्कत अंतिम संस्कार में हो रही है। एडीएम वित्त एवं राजस्व महेंद्र सिंह ने बताया कि तटबंधों की चौकसी बढ़ा दी गई है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री बांटी जा रही है। आवागमन के लिए नाव लगाई गई है। 24 घंटे बाढ़ की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
