
विजेताओं को सम्मानित करते पशुपालन मंत्री।
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प्रदेश में सर्वाधिक दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में प्रथम रहे खीरी के वरुण सिंह को 2022-23 के गोकुल पुरस्कार से नवाजा गया है। बुधवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में दुग्ध विकास एवं पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह ने वरुण सिंह को 2 लाख रुपये का चेक सौंपा। वहीं, दूसरे स्थान पर रहे मेरठ के हर्ष मित्तल को 1.5 लाख रुपये की चेक सौंपा गया। देसी गाय के जरिये प्रदेश भर में सर्वाधिक दुग्ध उत्पादन के लिए बाराबंकी के लवलेश कुमार को नंदबाबा पुरस्कार से नवाजते हुए 51 हजार रुपये का चेक सौंपा गया। कार्यक्रमममें मंत्री धर्मपाल सिंह ने किसानों व पशुपालकों को एक महीने के अंदर समितियों से भुगतान दिलाने का भरोसा दिया।
बुधवार को गोमतीनगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मार्स हाल में प्रदेश भर के विभिन्न जनपदों से आए किसान, पशुपालक व बड़े पैमाने पर डेयरी उद्योग चलाने वाले उद्यमी उपस्थित थे। मौका था प्रदेश कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन की तरफ से वर्ष 2022-23 के लिए गोकुल व नंदबाबा पुरस्कार के आयोजन का, जिसके तहत प्रदेश भर के 66 जनपद स्तरीय लाभार्थियों को गोकुल और 48 को नंदबाबा पुरस्कार से सम्मानित किया गया। प्रदेश भर में सर्वाधिक दुग्ध उत्पादन की श्रेणी में खीरी जिले के बेलवा मोती निवासी वरुण सिंह को राज्य में पहला स्थान सुनिश्चित करने पर गोकुल पुरस्कार से नवाजा गया।
वरुण ने 2022-23 के वित्तीय वर्ष में प्रदेश भर में सबसे ज्यादा 2.08 लाख लीटर दुग्ध का उत्पादन किया। वरुण को राज्य स्तर पर यह पुरस्कार पांचवी बार मिला है। वहीं, दूसरे स्थान पर मेरठ के रुहासा निवासी हर्ष मित्तल को 51,680 लीटर दुग्ध उत्पादन करने पर पहली बार सम्मानित किया गया। जबकि, अन्य 64 लोगों को जनपद स्तरीय पुरस्कार के रूप में 51 हजार रुपये दिए गए। उधर, देसी गाय के पोषण और दूध के विकास के लिए दिये जाने वाले नंदबाबा पुरस्कार के तहत बाराबंकी के लवलेश कुमार को प्रदेश भर में सर्वाधिक 12,773 लीटर दुग्ध उत्पादन करने पर नंदबाबा पुरस्कार से सम्मानित किया गया। शेष 47 लोगों को जनपद स्तरीय नंदबाबा पुरस्कार के तहत 21 हजार की धनराशि व स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया गया। प्रमुख सचिव दुग्ध विकास के रविंद्र नायक, दुग्ध आयुक्त राकेश मिश्र व पीसीडीएफ प्रबंधक आनंद सिंह समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
सीएम योगी गोभक्त, गोवंश बढ़ाना है मकसद- धर्मपाल सिंह
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट व दुग्ध विकास व पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि प्रदेश के मुखिया गोभक्त हैं, और सरकार का मकसद है कि गोवंश बढ़े। प्रदेश दुग्ध उत्पादन में नंबर एक पर है। गाय और बैलों के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने राज परिवार में जन्म लेने के बाद भी गोवंश को पाला। भगवान शंकर ने अपनी सवारी को बैल बनाया। ऋषि और कृषि को इस देश में सदियों से समान स्थान मिला हुआ है। देसी गोवंश आगे बढ़े इसके लिए सरकार नस्ल सुधार का काम कर रही है। पशुपालन विभाग देसी गाय का सीमेन प्रदान कर रहा है। गोवंश की सेवा के लिए भारत सरकार की डायल 1962 सेवा से तत्काल इलाज मिलता है। किसानों से चारा उत्पादन की भी अपील की। उन्होंने एक महीने में किसानों व पशुपालकों के भुगतान का एलान किया।
लखनऊ में सर्वाधिक दुग्ध उत्पादन में सुशीला यादव ने बनाया कीर्तिमान
जिले की वीरसिंह पुर गांव निवासी सुशीला यादव ने दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में नया कीर्तिमान बनाया है। बुधवार को आईजीपी में दुग्ध एवं पशुधन विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने जनपद स्तरीय गोकुल पुरस्कार के तहत 51 हजार रुपये का चेक और स्मृति चिन्ह भेंट किया। सुशीला यादव को वर्ष 2022-23 में सहकारी दुग्ध समिति को सर्वाधिक 21,507 लीटर दुग्ध आपूर्ति पर यह पुरस्कार दिया गया है। सुशीला बताती हैं कि 2006 से घर पर पशुपालन का काम होता था, उसे ही आगे बढ़ाने का काम किया। मेरे पास नौ गाय है, जिनसे 50-80 लीटर प्रतिदिन दुग्ध उत्पादन होता है। परिवार की जरूरतें भी समय समय पर इसी डेयरी से पूरी होती गईं।
