
13 सीटों पर कैसे रहे समीकरण।
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उत्तर प्रदेश में चौथे चरण के चुनाव में अधिकतर सीटों पर हाथी दौड़ता हुआ नहीं दिखा। नतीजतन, भाजपा और सपा-कांग्रेस के प्रत्याशियों के बीच सीधे टक्कर दिखी। तमाम जगहों पर बसपा प्रत्याशी का बस्ता तक नहीं दिखा। कहीं इंडिया तो कहीं एनडीए प्रत्याशी आगे दिखे। कन्नौज में इस बार तस्वीर साफ है, बस लड़ाई मार्जिन की ही रहेगी। वहीं, खीरी में त्रिकोण बन रहा है। यहां सीटवार विस्तृत रिपोर्ट-
इटावा : ब्राह्मण-ठाकुर मतदाताओं के बंटने से प्रभावित हुए समीकरण
भाजपा के प्रो. रामशंकर कठेरिया और समाजवादी पार्टी के जितेंद्र दोहरे में सीधा मुकाबला है। बसपा के मुख्य लड़ाई में न होने की वजह से उसका वोट सपा के साथ जाता हुआ नजर आया। सपा प्रत्याशी दोहरे समाज के होने की वजह से इसका फायदा सपा को मिला तो चुनाव सपा के पक्ष में जा सकता है। सोमवार को मतदान के दिन कई जगह बसपा के बस्ते तक गायब नजर नहीं आए। औरैया सदर क्षेत्र में ब्राह्मणों और ठाकुरों में भाजपा प्रत्याशी को लेकर नाराजगी मतदान के दिन भी नजर आई। इससे जीत-हार के समीकरण प्रभावित होंगे। शहरी क्षेत्र में लोग दोपहर के बाद निकले, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के मतदान केंद्रों पर सुबह से ही लोग पहुंचने लगे थे। हालांकि बारिश हो जाने की वजह से सुबह गर्मी से राहत मिलने के चलते सुबह 11 बजे तक का मतदान प्रतिशत 2019 की अपेक्षा इटावा और भरथना विधानसभा में बढ़ गया। वहीं बीहड़ पट्टी के राजपुर, सिकंदरा से जुड़े गांव के मतदाताओं में बिखराव नजर आया है। राजपुर के पैलावर व संदलपुर के उड़नापुर में विकास न कराए जाने पर मतदान के दिन बहिष्कार भी हुआ।
