
नौकरी की सांकेतिक तस्वीर।
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प्रदेश में औद्योगिक पार्क रोजगार का बड़ा जरिया बनेंगे। कई जिलों में निवेशकों ने निजी औद्योगिक पार्क में निवेश किया है। सबसे बड़े 13 पार्कों के माध्यम से 14,634 करोड़ रुपये के निवेश के साथ 2.70 लाख लोगों को रोजगार की राह खुलने जा रही है।
कानपुर के अलावा बागपत, बाराबंकी, बरेली, चंदौली, गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ, सहारनपुर और शाहजहांपुर में इंडस्ट्रियल पार्क स्थापित हो रहे हैं। अयोध्या में क्रेसेंडो इंटीरियर्स 500 करोड़ की लागत से निजी औद्योगिक पार्क बना रहा है। बाराबंकी में लखनऊ एच एम ग्रीन सिटी 150 करोड़ रुपये से पार्क स्थापित कर रहा है। शाहजहांपुर में भी लेटेस्टप्लस अपैरल निजी औद्योगिक पार्क बना रहा है। बरेली में रियलप्लाई प्लाइवुड्स 408 करोड़ और चंदौली में डीआरएस डेवलपर्स 50 करोड़ के निवेश से प्लेज स्कीम के अंतर्गत पार्क तैयार कर रहा है।
बीएमआर बिल्डकॉन प्रोजेक्ट्स बागपत में 200 करोड़ और कालिंदी एस्टेट भी 200 करोड़ से पार्क विकसित कर रहा है। गाजियाबाद में मल्टीविंग्स इलेक्ट्रिक 500 करोड़ से लॉजिस्टिक पार्क बना रहा है। हापुड़ में शिव शंकर इंडस्ट्रीज 350 करोड़ का निवेश कर रहा है। मेरठ में विश्वकर्मा इंडस्ट्रियल एस्टेट 626 करोड़ की लागत से इंडस्ट्रियल पार्क बना रहा है। मेरठ में ही पसवारा इंफ्रास्ट्रक्चर 300 करोड़, सहारनपुर में पुलस्तया इंडस्ट्रियल पार्क ने 500 करोड़ का निवेश किया है।
प्रदेश में स्थापित होने वाले इन निजी औद्योगिक पार्क में औद्योगिक इकाइयों के लिए सभी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। पार्क के मैन्युफैक्चरिंग जोन में फ्लैटनुमा कारखाने और फैक्ट्री शेड होंगे। सामान्य सुविधाओं के तहत बिजनेस व शॉपिंग सेंटर, इन्क्यूबेशन सेंटर, होटल व रेस्टोरेंट, हॉस्टल, ऑफिस ब्लॉक, स्वास्थ्य व संचार सुविधाएं, पुलिस व फायर स्टेशन आदि होंगे। लॉजिस्टिक्स के तहत वेयरहाउस, कंटेनर व ट्रक टर्मिनल आदि होंगे।
