
UP Lok Sabha Chunav Result 2024
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भाजपा के सामने सीटों के साथ वोट शेयर बढ़ाने की भी चुनौती है। 2014 में जब यूपी समेत पूरे देश में मोदी लहर थी, तब भाजपा ने यूपी में 71 सीटें जीती थीं। मतों में उसकी हिस्सेदारी 42.3 फीसदी रही। 2019 में भगवा खेमे का वोट शेयर बढ़कर 49.6 फीसदी तो हुआ, पर 9 सीटों का उसे नुकसान उठाना पड़ा।
इस बार के चुनाव में न केवल माहौल पूरी तरह अलग रहा है, समीकरण भी अलग रहे हैं। ऐसे में भाजपा के सियासी रणकौशल, जनता के बीच पकड़ की परख का पैमाना महज सीटें ही नहीं, वोट शेयर भी होगा।
पहले बात वोट शेयर की ही। यूपी के चुनावी इतिहास पर गौर करें तो इमरजेंसी के बाद 1977 में हुए चुनाव में लोकदल प्रदेश में सबसे बड़ी सियासी ताकत बनकर उभरा। उसने कुल मतों में 68.2 प्रतिशत की हिस्सेदारी हासिल कर रिकॉर्ड कायम कर दिया। यह अब तक का यह सबसे ज्यादा वोट शेयर है, जो किसी दल ने यूपी में हासिल किया।
पूर्व पीएम इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 1984 में हुए आम चुनाव में पूरे देश में कांग्रेस के पक्ष में जबरदस्त सहानुभूति की लहर थी। इसके बाद भी पार्टी 50.4 फीसदी वोट शेयर ही हासिल कर सकी थी। प्रदेश में यह दूसरा मौका था जब किसी पार्टी को इतना ज्यादा वोट शेयर हासिल हुआ था। 2019 में भाजपा 1984 वाले कांग्रेस के वोट शेयर से होड़ लेती नजर आई।
