
UP lok Sabha Election 2024
– फोटो : अमर उजाला
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राजधानी लखनऊ की ग्रामीण लोकसभा सीट मोहनलालगंज के न केवल समीकरण अलग हैं, मिजाज और अंदाज भी अलग हैं। 35.78 फीसदी दलित आबादी वाली यह सीट 1962 में अस्तित्व में आने के बाद से अब तक अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित है।
इस बार प्रत्याशियों की राह में जगह-जगह नाराजगी के कांटे बिछे हुए हैं। ऐसे में सभी के रणकौशल का इम्तिहान है। बहरहाल, भाजपा हैट्रिक लगाने को बेताब है, तो 1998 से 2009 तक लगातार चार बार जीत का स्वाद चख चुकी सपा पांचवीं जीत के लिए बेकरार है।
वहीं, लगातार चार बार चौथे स्थान पर रहने वाली बसपा भी खाता खुलने की उम्मीद में पूरा जोर लगा रही है। लगातार दो बार भगवा परचम फहरा चुके केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर को पार्टी ने फिर से मैदान में उतारा है। वे मलिहाबाद सीट से 2002 में निर्दलीय विधायक भी रहे थे।
- सपा प्रत्याशी आरके चौधरी बसपा के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे हैं। बसपा सरकार में चार बार मंत्री भी रहे। मोहनलालगंज विधानसभा सीट से भी चौधरी बसपा के टिकट और एक बार भाजपा के समर्थन से निर्दलीय विधायक रह चुके हैं। फैजाबाद में जन्मे चौधरी मोहनलालगंज लोकसभा सीट पर तीन बार किस्मत आजमां चुके हैं। हालांकि तीनों बार उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा। बसपा से राहें जुदा हुईं तो 2019 में कांग्रेस से भाग्य आजमाया। अब सपा से मैदान में हैं।
