
UP Lok Sabha Election
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श्रावस्ती संसदीय क्षेत्र के सियासी अखाड़े में मतदाता भाजपा और सपा में बंटे दिखे। बसपा की तरफ भी मतदाताओं का रूझान रहा। फिलहाल जीत- हार का फैसला दो ही दलों में सिमट कर रह गया है। संसदीय सीट के पांचों विधानसभाओं में तीन विधानसभाओं में भाजपा तो दो पर सपा का शोर दिखा।
वैसे दल कहीं भी कमजोर नहीं दिखे हैं। इसके अलावा बसपा भी टक्कर देते दिखे। भिनगा विधानभा में तो बसपा का दम भी दिखा। पूरे मतदान के दौरान समीकरण का तो खेल चला ही लेकिन राष्ट्रीय व स्थानीय मुद्दों का प्रभाव दिखा।
भाजपा व सपा के प्रत्याशियों को जिस कारणों से नुकसान हुआ, उसकी भारपाई भी दोनों कहीं- कहीं करते दिखे। श्रावस्ती जिले में भितरघात से जहां भाजपा को सामना करना पड़ा। वहीं सपा से भाजपा में ऐन वक्त में शामिल हुए पूर्व विधायक दिलीप वर्मा व माधुरी वर्मा ने सपा के समीकरण को भी प्रभावित किया।
सपा प्रत्याशी के पांच साल क्षेत्र में सक्रिय न रहने के सवालों को झेलना पड़ता तो भाजपा को भी कई सवालों का सामना करना पड़ा। फिलहाल चुनाव में सपा के प्रत्याशी व मौजूदा सांसद राम शिरोमणि वर्मा के बीते पांच साल से क्षेत्र से दूरी बनाए रखना भारी पड़ता दिखा।
