यूपी में बोगस फर्में बनाकर करोड़ों की जीएसटी चोरी के मामले में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। जिस जांच की शुरुआत एक फर्म से हुई थी, उसमें अब तक 100 से अधिक फर्मों के नाम सामने आ चुके हैं। इससे मामले की विवेचना का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। जीएसटी चोरी के अधिकांश मामलों में इसी तरह के नेटवर्क का खुलासा हो रहा है।
लखनऊ में एसटीएफ इंदिरा नगर थाने में दर्ज जीएसटी चोरी के मामले में बीते सप्ताह गुजरात निवासी केशवानी अब्बास हुसैन को गिरफ्तार किया गया था। जो केस दर्ज था, उसमें एक फर्म आराध्या इंटर प्राइजेज का नाम था।
100 से अधिक बोगस फर्में बनाई हैं
एसटीएफ की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी तो कई फर्मों के नाम सामने आते गया। पहले पता चला कि आराध्या के अलावा तीन और फर्में लखनऊ के पते पर दर्ज हैं। वहीं केशवानी ने अपनी साथी रईस के साथ मिलकर इस तरह से 100 से अधिक बोगस फर्में बनाई हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, बोगस फर्मों के जरिये करोड़ों की चपत लगाने वाले गिरोह कुछ मोबाइल नंबरों व दो-तीन बैंक खातों का इस्तेमाल कर सैकड़ों फर्में बनाते हैं। उन्हीं के जरिये खेल करते रहते हैं।
कार्रवाई में बदलाव की नसीहत
एसटीएफ के मुताबिक, अधिकतर केसों में दो-चार फर्मों का ही जिक्र होता है। जबकि, जांच में सैकड़ों नाम सामने आते हैं। ऐसे में जीएसटी विभाग को चाहिए कि वह पहले ही ये जानकारी जुटा लें कि जिसका केस दर्ज करवाना है उससे संबंधित कितनी फर्में हैं। इससे तफ्तीश में आसानी होगी।
