
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
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वैश्विक निवेशक सम्मेलन के बाद भूमि पूजन समारोह की तैयारी में जुटी राज्य सरकार 35 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने जा रही है। इसके लिए भूमि की आवश्यकता के दृष्टिगत उप्र राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) ने बतौर नोडल एजेंसी भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की योजना बनाई है। यूपीसीडा ने अनुपयोगी, विवादित, दिवालिया घोषित भूखंडों का अधिग्रहण करने के लिए चार सूत्री रणनीति बनाई है।
यूपीसीडा ने कई जिलों में 871 एकड़ से अधिक ग्राम सभा की भूमि का अधिग्रहण किया है। इसके अतिरिक्त 1300 एकड़ भूमि चिह्नित की है। इसके अलावा केंद्र सरकार के साथ बड़े भूखंडों का अधिग्रहण करने की योजना भी है।
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इनमें प्रयागराज में बीपीसीएल की भूमि (लगभग 231 एकड़) और स्कूटर इंडिया की भूमि (लगभग 147 एकड़) शामिल है। ऐसे भूखंडों के अधिग्रहण की भी कोशिश है, जो दिवालिया घोषित होने की प्रक्रिया या मुकदमेबाजी में फंसे हैं।
प्रतापगढ़ में ऑटो ट्रैक्टर लिमिटेड की भूमि (97 एकड़) और हाथरस में सलेमपुर की 580 एकड़ को मुक्त कराया गया है। वर्तमान में निष्क्रिय हो चुकी कताई व कपड़ा मिलों जैसे उद्योगों के भूखंडों की पहचान भी की गई है।
