यूपी के अयोध्या स्थित राम मंदिर हमेशा से संवेदनशील रहा है। 22 जनवरी 2024 को जब से भव्य मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी तब से राम मंदिर कट्टरपंथियों के निशाने पर है। समय-समय पर राम मंदिर पर हमले की धमकियां आती रही हैं। हालांकि राम मंदिर की सुरक्षा अभेद्य है और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के तीन हजार से अधिक जवान तैनात हैं। जल्द ही एनएसजी हब बनाने की भी तैयारी है।

अभी राम मंदिर की सुरक्षा की जिम्मेदारी एसएसएफ के हाथों में हैं। आरएएफ व पीएसी भी तैनात है। प्राण प्रतिष्ठा के बाद से लगातार मंदिर पर हमले की धमकियां आती रही हैं। पहली घटना में 22 अगस्त 2024 को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के हेल्प डेस्क मोबाइल नंबर पर सोशल मीडिया माध्यम से धमकी दी गई थी। 

पकड़ा गया मकसूद राम मंदिर निर्माण से गुस्सा था

धमकी भरे संदेश में लिखा गया, बहुत जल्द वह मंदिर को नष्ट कर देंगे और मस्जिद बनाएंगे। मंदिर को 4000 किलो आरडीएक्स से नष्ट कर दिया जाएगा। इस मामले में यूपी एटीएस ने 14 सितंबर को बिहार के भागलपुर से मोहम्मद मकसूद नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया था। प्रारंभिक पूछताछ में मालूम हुआ कि मकसूद राम मंदिर निर्माण से गुस्सा था।

राम मंदिर को उड़ाने की धमकी मिली

दूसरी घटना 28 मई 2024 की है। पहले एक आईडी से इंस्टाग्राम पर पोस्ट की गई। फिर 112 पर कॉल आई। राम मंदिर को उड़ाने की धमकी मिलते ही पुलिस ने साइबर एक्सपर्ट और सर्विलांस टीम को तुरंत एक्टिव किया। दहशत न फैले, इसलिए पुलिस ने अंदरखाने जांच की। जांच में धमकी देने वाले की लोकेशन कुशीनगर की निकली। 

बम से उड़ाने की धमकी दी गई

पुलिस ने धमकी देने वाले बलुआ तकिया क्षेत्र के रहने वाले एक 16 साल के किशोर को हिरासत में लेकर पूछताछ की। शुरुआती जांच में पता चला कि नाबालिग मानसिक तौर पर स्वस्थ नहीं है। तीसरी घटना 11 नवंबर, 2024 की है। खालिस्तानी आतंकी और सिख फॉर जस्टिस के चीफ गुरपतवंत सिंह पन्नू ने राम मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी दी थी। कहा था कि हम हिंदुत्ववादी विचारधारा की जन्मस्थली अयोध्या की नींव दिला देंगे।





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