उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि जिले में निर्मित बरात घरों का संचालन स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से कराएं। ताकि महिलाओं को रोजगार के अवसर मिल सकें। उन्होंने शुक्रवार को सर्किट हाउस में विभागीय अधिकारियों के साथ विकास कार्यों और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक की।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि विवाह और अन्य सामाजिक आयोजनों के लिए उचित किराया निर्धारित कर संचालन किया जाए। जिन ग्राम पंचायतों में बरात घर की आवश्यकता है, वहां उपयुक्त स्थलों का चिह्वांकन कर सीएसआर से निर्माण कराने की कार्रवाई के निर्देश भी दिए।
अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभागीय कार्य मॉडल वर्क और टीम भावना के साथ किए जाएं। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि समूह की दीदी को लखपति दीदी बनाने के लक्ष्य को साल में एक लाख से बढ़ाकर तीन लाख तक पहुंचाने का प्रयास किए जाएं। मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह ने बताया कि वर्तमान में जिले 1.48 लाख स्वयं सहायता समूह की दीदियां कार्य कर रही हैं।
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उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिले की ग्राम पंचायतों में विशेष कैंप से पात्र दिव्यांग और विधवा महिलाओं को आवास योजनाओं से आच्छादित किया जाए। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में बजट का पूरा और प्रभावी उपयोग किया जाए। विधान मंडल क्षेत्र विकास निधि के प्रस्ताव को 45 दिनों में कराने के निर्देश भी दिए। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीणों के आर्थिक, शैक्षिक और सामाजिक उत्थान के लिए प्रतिबद्ध हैं।
