यूपी के बलरामपुर में सिविल जज सीनियर डिवीजन/एसीजेएम यशपाल शर्मा ने शुक्रवार को मुकदमों की सुनवाई के दौरान चोरी से लकड़ी काटने के दोषी को जेल में बिताई अवधि की सजा सुनाई है। प्राथमिकी दर्ज होने के दौरान सात दिन जेल में काटे थे। न्यायाधीश ने दोषी पर 500 रुपये अर्थदंड भी लगाया है। 31 वर्ष बाद मुकदमे का फैसला हुआ है।
महराजगंज तराई क्षेत्र के बाजार निवासी सुरेंद्र त्रिपाठी ने दो अगस्त 1994 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि विपक्षी महराजगंज तराई क्षेत्र के ग्राम सुदर्शनजोत निवासी निब्बर सिंह ने 57 बोटा सागौन व 240 बोटा शीशम की लकड़ी चोरी से काट ली थी।
पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करके निब्बर सिंह को जेल भेज दिया। सात दिन बाद निब्बर सिंह को जमानत मिल गई। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद निब्बर सिंह चोरी से लकड़ी काटने के मामले में दोषी मानते हुए सजा सुनाई।