उत्तर प्रदेश सरकार ने छात्र हित में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। समाज कल्याण विभाग ने शैक्षिक सत्र 2025–26 के अंतर्गत संचालित दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना में समय पर मास्टर डाटा लॉक न हो पाने के कारण वंचित रह गए पात्र छात्र-छात्राओं को दोबारा अवसर प्रदान किया है।

इसके लिए विभाग द्वारा संशोधित समय-सारिणी जारी की गई है। यह संशोधित व्यवस्था सामान्य वर्ग, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग के साथ-साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों पर समान रूप से लागू होगी। समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण ने बताया कि संशोधित कार्यक्रम छात्रवृत्ति प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी, त्रुटिरहित एवं समयबद्ध बनाने की दिशा में एक ठोस पहल है। 

इससे पात्र विद्यार्थियों को योजना का लाभ समय पर मिल सकेगा। समाज कल्याण विभाग के उप निदेशक आनंद कुमार सिंह ने बताया कि संशोधित कार्यक्रम के तहत शिक्षण संस्थानों द्वारा मास्टर डाटा तैयार करने की प्रक्रिया 23 दिसंबर 2025 से 2 जनवरी 2026 तक की जाएगी।

विश्वविद्यालयों एवं एफिलिएटिंग एजेंसियों द्वारा फीस एवं छात्र संख्या का सत्यापन 23 दिसंबर से 9 जनवरी तक तथा जिला समाज कल्याण अधिकारी द्वारा मास्टर डाटा और फीस का अंतिम सत्यापन 15 जनवरी 2026 तक पूरा किया जाएगा। सामान्य, ओबीसी एवं अल्पसंख्यक वर्ग के छात्र 14 जनवरी 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। 

आवश्यक अभिलेखों सहित हार्ड कॉपी 21 जनवरी 2026 तक शिक्षण संस्थानों में जमा करनी होगी। संस्थान स्तर पर सत्यापन 27 जनवरी तक, विश्वविद्यालय स्तर पर वास्तविक छात्र सत्यापन 28 जनवरी से 7 फरवरी 2026 तक तथा एनआईसी द्वारा डाटा स्क्रूटनी 9 फरवरी 2026 तक की जाएगी। 

छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि 18 मार्च 2026 तक पीएफएमएस के माध्यम से आधार-सीडेड बैंक खातों में अंतरित की जाएगी। अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के छात्र 31 मार्च 2026 तक आवेदन कर सकेंगे। सभी प्रक्रियाएं पूर्ण होने के बाद अंतिम भुगतान 22 जून 2026 तक किया जाएगा।



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