Employees warn bjp government over old pension scheme.

रैली को संबोधित करते कर्मचारी नेता।
– फोटो : amar ujala

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कर्मचारी संगठनों ने एलान किया है कि पुरानी पेंशन बहाली की शर्त पर ही सरकार से बात की जाएगी। चारबाग रेलवे स्टेडियम में पुरानी पेंशन योजना बहाली संयुक्त मंच की ओर से हुई हुंकार महारैली में यह घोषणा की गई। वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारियों को लोकसभा चुनाव में पुरानी पेंशन बहाली को राजनीतिक मुद्दे के तौर पर देखना चाहिए। कर्मचारी उस पार्टी को वोट दें, जो पुरानी पेंशन बहाली की बात करे। महारैली में पूरे प्रदेश से हजारों कर्मचारी शामिल हुए।

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष इं. हरि किशोर तिवारी ने कहा कि जब यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सांसद थे तो उन्होंने पुरानी पेंशन बहाली के लिए केंद्र को पत्र लिखा था। लखनऊ के सांसद व रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भी पत्र लिखा था। फिर सत्ता में आने के बाद ये अपनी बातों को कैसे भूल गए? 

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उन्होंने सरकार को चेताते हुए कहा कि मांगों की अनदेखी कर कर्मचारियों को हड़ताल के लिए बाध्य किया जा रहा है। 55 जिलों में पेंशन-रथ यात्रा के दौरान राज्य कर्मचारियों, केन्द्रीय कर्मचारियों, शिक्षकों, निगम व निकाय कर्मचारी बड़ी संख्या में जुड़ रहे हैं। इससे यह बात साफ हो रही है कि कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली से कम पर किसी समझौते को तैयार नहीं हैं।

महारैली के दौरान कर्मचारियों को धूप व उमस ने परेशान किया। स्टेडियम में लगे पेड़ों के नीचे खड़े होकर नेताओं के भाषण सुने। पंडाल में बैठे लोगों के भी पसीने छूट गए। महारैली को राष्ट्रीय संयोजक और ऑल इंडिया रेलवे फेडरेशन (एआईआरएफ) के महामंत्री शिवगोपाल मिश्र, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ नेता कामरेड योगेश त्यागी, शिवबरन सिंह यादव, इं. एनडी द्विवेदी, विवेक कुमार, उमाशंकर सिंह, डॉ. नरेश, राजेश पाल, अमरजीत मिश्रा, नितिन सिंह और प्रेम कुमार मिश्रा समेत कई कर्मचारी नेताओं ने संबोधित किया।

छह राज्यों में लागू हो चुकी है पुरानी पेंशन

कन्फेडेरशन के राष्ट्रीय सचिव एसबी यादव ने कहा कि विभिन्न राज्यों में हुए आंदोलनों के चलते छह राज्यों में पुरानी पेंशन बहाली हो चुकी है। अगर केन्द्र सरकार समय रहते कर्मचारियों की मांग को स्वीकार नहीं करती है तो अगले लोकसभा चुनाव में अंजाम भुगतना होगा। शिक्षक नेता सुशील पांडेय ने कहा कि पेंशन हमारा अधिकार है, इसे हर हाल में हासिल करेंगें।



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