इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने प्राथमिक शिक्षकों के समायोजन-3 मामले में आगे किसी कार्यवाही पर पहले लगी रोक 26 फरवरी तक के लिए बढ़ा दी है। उस रोज मामले की फाइनल सुनवाई होगी। कोर्ट ने कहा कि इस अंतरिम आदेश की राहत इस याचिका के साथ संबद्ध अन्य याचिकाओं पर भी मिलेगी। कोर्ट ने यह आदेश प्राथमिक शिक्षकों के समायोजन/ स्थानांतरण-3 के शासनादेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर दिया। कोर्ट ने मामले में याचियों को अपनी लिखित बहस दाखिल करने को कहा है।

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न्यायमूर्ति श्रीप्रकाश सिंह की एकल पीठ ने यह आदेश बाराबंकी की संगीता पाल समेत 29 प्राथमिक शिक्षकों की याचिका व अन्य संबद्ध याचिकाओं पर दिया। 14 नवंबर 2025 के बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी शिक्षकों के समायोजन/ स्थानांतरण के शासनादेश को चुनौती देकर रद्द करने का आग्रह सैकड़ों शिक्षकों द्वारा दाखिल करीब 131 याचिकाओं में किया गया है।

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याचियों का कहना था कि यह शासनादेश आरटीई अधिनियम समेत बेसिक शिक्षा अधिनियम, 1972 के नियमों का उल्लंघन करने वाला है। इसके नियम 21 के तहत शिक्षक की सहमति के बाहर समायोजित न किए जाने की दलील दी। कहा, इस समायोजन से जहां शिक्षकों की वरिष्ठता पर असर पड़ रहा है, वहीं निर्धारित छात्र- शिक्षक अनुपात प्रभावित होने जैसी अन्य विसंगतियां भी पैदा हो रही हैं। उधर, मामले में राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता पेश हुए और याचिकाओं का विरोध किया।



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