नाथनगरी के रूप में विकसित हो रहा बरेली शहर जल्द ही शिक्षा और आध्यात्म के एक अनूठे संगम का केंद्र बनने जा रहा है। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) की रामगंगा नगर आवासीय योजना के अंतर्गत प्रदेश की सबसे अत्याधुनिक और अनूठी लाइब्रेरी का निर्माण तेजी के साथ कर रहा है। 26 करोड़ रुपये की लागत से बन रही यह लाइब्रेरी मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल है, जिसका मुख्य उद्देश्य आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ प्राचीन वैदिक ज्ञान को पुनर्जीवित करना है।

बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. ए मनिकन्डन के अनुसार यह लाइब्रेरी मात्र एक किताबों का संग्रह नहीं, बल्कि एक संपूर्ण शिक्षण का तंत्र होगी। 5578 वर्गमीटर के विस्तृत क्षेत्र में फैली इस लाइब्रेरी को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यहां एक साथ सैकड़ों शोधार्थी और छात्र बिना किसी असुविधा के अध्ययन कर सकेंगे। लाइब्रेरी को आधुनिक जरूरतों और भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखकर तीन मुख्य स्तरों में विभाजित किया गया है। 

आधुनिक कैफेटेरिया भी बनेगा 

यहां पाठकों के लिए पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था के साथ-साथ सेल्फ स्टडी जोन और जनरल रीडिंग एरिया बनाया गया है। पाठकों के खान-पान के लिए एक आधुनिक कैफेटेरिया भी विकसित किया जा रहा है। प्रथम तल अध्ययन और शोध का यह तल मुख्य रूप से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को समर्पित होगा।  

दूसरे तल पर डिजिटल और सेमिनार के लिए अत्याधुनिक कंप्यूटर रूम, वीडियो-ऑडियो विजुअल कक्ष और सेमिनार हॉल बनाए जा रहे हैं, जो इसे डिजिटल लर्निंग का हब बनाएंगे।  यह लाइब्रेरी पूरे मंडल में अपनी तरह की पहली और सबसे आधुनिक लाइब्रेरी होगी। इसके माध्यम से हम बरेली को शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक और वैदिक अध्ययन के एक वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना चाहते हैं। 



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