उत्तर प्रदेश के लगभग 81.95 लाख किसानों ने अभी तक फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराई है। ऐसे में ये किसान न तो न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं बेच पाएंगे। न ही उन्हें किसान सम्मान निधि के साथ मत्स्य व पशुपालन समेत विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाएगा।
लखनऊ जिले के भी 72,128 किसानों की रजिस्ट्री नहीं हुई है। बता दें कि प्रदेश के कुल 75 जिलों में 2,88,70,495 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री होनी है, जिनमें से सिर्फ 2,06,75,387 किसानों की ही रजिस्ट्री हो सकी है। यह करीब 80.32 फीसदी है। नतीजतन शेष किसानों के सामने एमएसपी पर गेहूं बेचने का संकट खड़ा हो गया है।
