शाहजहांपुर में स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है। मेडिकल बोर्ड के सामने पेश हुए बगैर स्वास्थ्य कर्मियों की मिलीभगत से 14 लोगों ने दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवा लिए। डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने प्रमाणपत्र बनवाने वालों, जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र (डीईआईसी) मैनेजर, डाटा एंट्री ऑपरेटरों व पटल सहायकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
मिर्जापुर के गांव मझारा बढ़ऊ के संतराम कश्यप ने गत दिसंबर में डीएम से शिकायत की थी कि उनके गांव के कई लोग फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्रों के जरिये सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। डीएम ने तथ्यों की जांच कराई। सीएमओ डॉ. विवेक मिश्रा की रिपोर्ट के मुताबिक 16 लोगों की सूची में से 14 के दिव्यांग प्रमाणपत्र मेडिकल बोर्ड की ओर से जांच के बाद जारी नहीं किए गए थे। इनका रिकॉर्ड कार्यालय में उपलब्ध नहीं है।
