
सांकेतिक तस्वीर
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उद्योगों के विकास के लिए गठित उप्र राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) एक तरफ नए औद्योगिक क्षेत्र बसा रहा है तो दूसरी तरफ हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक 968 मामलों में दौड़भाग भी कर रहा है। इनमें से इलाहाबाद हाईकोर्ट में 843 व लखनऊ बेंच में 93 और सुप्रीम कोर्ट में 32 मामले लंबित हैं। वहीं, 46 दागी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भी मामले चल रहे हैं। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी गई है।
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और भूमि पूजन समारोह की बड़ी जिम्मेदारी यूपीसीडा को सौंपी गई है। पहले से ही आधे कर्मचारियों से काम चला रहे प्राधिकरण के लिए विभिन्न अदालतों में चल रहे सैकड़ों मामले भी मुसीबत बने हैं।
प्राधिकरण के 31 अधिकारियों के खिलाफ जांच चल रही है, जिसमें छह की रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है। प्राधिकरण स्तर पर 12 जांचें लंबित हैं। सात जांचें बाहरी एजेंसियां कर रही हैं। पांच अफसरों के मामले में शासन को अधिकारी नामित करना है और एक मामला सतर्कता एजेंसी को लेकर लंबित है। इसी तरह 15 कर्मचारी भी जांच के घेरे में हैं। हालांकि राहत की बात ये है कि पिछले डेढ़ साल में 144 याचिकाओं पर फैसले भी हुए हैं। इनमें से 135 मामलों में फैसला प्राधिकरण के पक्ष में आया है।
