
एसटीएफ
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आयुष घोटाले की जांच कर रही एसटीएफ ने उन 22 कॉलेज संचालकों को नोटिस जारी कर तलब किया है, जिन्होंने दस से ज्यादा फर्जी दाखिले किए थे। इनको नोटिस जारी कर दाखिले से जुड़े समस्त दस्तावेजों के साथ 15 जून से पहले राजधानी स्थित एसटीएफ मुख्यालय आने को कहा गया है। इनके बयान दर्ज करने के बाद एसटीएफ घोटाले में उनकी भूमिका का पता लगाएगी।
वहीं दूसरी ओर प्रदेश के आयुष कॉलेज के संचालकों से पैसा जुटा कर तत्कालीन आयुष मंत्री और शासन व आयुर्वेद निदेशालय के अफसरों को रिश्वत देने वाले सहारनपुर स्थित जामिया तिब्बिया यूनानी कॉलेज के डॉ. अनवर सईद और मुजफ्फरनगर स्थित भारत आयुर्वेद कॉलेज के डॉ. अकरम को एसटीएफ तीन बार नोटिस देकर बुला चुकी है। दोनों ने अपने वकील के जरिए एसटीएफ को बीमार होने की सूचना दी है। अधिकारियों के मुताबिक रिश्वत बांटने के मामले में दोनों से पूछताछ करना जरूरी है। एसटीएफ अब दोनों पर कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी में है।
23 कॉलेजों में हुए 10 से ज्यादा फर्जी दाखिले
बताते चलें कि प्रदेश के 50 से अधिक आयुष कॉलेजों में फर्जी दाखिले होने की जांच में पुष्टि हुई है। इनमें से 23 कॉलेजों में 10 से ज्यादा दाखिले हुए थे। इनमें सर्वाधिक 76 दाखिले करने वाले संतुष्टि मेडिकल कॉलेज की संचालक डॉ. रितु गर्ग से एसटीएफ पूर्व में पूछताछ करने के बाद गिरफ्तार कर चुकी है।
मुख्यालय की अनुमति के इंतजार में सीबीअाई
आयुष दाखिला घोटाले की जांच शुरू करने के लिए सीबीआई को मुख्यालय की अनुमति का इंतजार है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद इस प्रकरण से समस्त जानकारी और लखनऊ खंडपीठ का आदेश सीबीआई, लखनऊ की एंटी करप्शन ब्रांच ने मुख्यालय भेजा था। सूत्रों के मुताबिक अभी तक मुख्यालय ने केस दर्ज करने की अनुमति नहीं दी है।
