UP News: 1.39 lakh students passed for 11111 seats of MBBS and BDS

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– फोटो : अमर उजाला

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प्रदेश में 31 सरकारी एवं दो केंद्रीय विश्वविद्यालय में एमबीबीएस की 4078 सीट पर दाखिला होगा, जबकि बीडीएस में सिर्फ केजीएमयू में 70 सीट और सेंट्ल कोटे से बीएचयू में 63 सीट पर दाखिला होगा। इस तरह प्रदेश में नीट (स्नातक) के जरिए सरकारी और निजी क्षेत्र के कॉलेजों में एमबीबीएस और बीडीएस कोर्स में कुल 1111 छात्रों को दाखिला मिलेगा। इस बार निर्माणाधीन 13 मेडिकल कॉलेजों में दाखिला होने की उम्मीद नहीं है। अभी इनका निर्माण कार्य चल रहा है।

प्रदेश में नीट (स्नातक) की 11111 सीटों के लिए 1.39 लाख छात्र उत्तीर्ण हुए हैं। इन छात्रों को दाखिला देने की तैयारी शुरू कर दी गई है। चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय की ओर से जल्द ही काउंसिलिंग की तिथि घोषित की जाएगी। इसे लेकर एनआईसी के साथ चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारी रणनीति बना रहे हैं। प्रदेश में एमबीबीएस की सरकरी क्षेत्र की 3828, निजी क्षेत्र की 4700 और सेंट्रल कोटे की 250 सीट हैं। इसी तरह बीडीएस की सरकारी क्षेत्र की 70, निजी क्षेत्र की 2200 और सेंट्रल कोटे की 63 सीट हैं। इन सीटों पर दाखिले के लिए चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय की ओर से काउंसिंलग कराने की तैयारी शुरू हो गई है। प्रमाण पत्रों की जांच के लिए 10 से 12 जोन में बांट कर नोडल सेंटर बनाने की तैयारी है। इसकी कवायद शुरू कर दी गई है। किसी तरह की समस्या होने पर उसके निस्तारण के लिए भी एक पांच सदस्यीय कमेटी बनाई जाएगी। यह कमेटी विवादित मामलों का निस्तारण करेगी।

निर्माण में देरी से फंसे 13 मेडिकल कॉलेज

चिकित्सा शिक्षा विभाग की तैयारी थी कि प्रदेश में इस वर्ष निर्माणाधीन 13 मेडिकल कॉलेजों में भी 100-100 सीट की मान्यता ले ली जाएगी। ऐसे में प्रदेश में सरकारी क्षेत्र में 1300 सीटें बढ़ जाती, लेकिन कॉलेजों के निर्माण में लगी एजेंसियों की ढिलाई की वजह से मामला फंस गया। सूत्रों का कहना है कि आठ जून को निर्माणाधीन कॉलेजों का कार्य माहभर में पूरा करने का निर्देश दिया गया। यह भी कहा गया कि माहभर में निर्माण कार्य पूरा हो जाता है तो दूसरी काउंसिलिंग तक इन कॉलेजों में दाखिले की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। लेकिन अब ऐसा संभव नहीं लग रहा है। क्योंकि अभी तक कई कॉलेजों का 30 से 50 फीसदी ही कार्य पूरा हो पाया है। कार्य पूरा होने के बाद भवन हस्तांतरित होगा। इसके बाद नेशनल मेडिकल कमीशन की टीम निरीक्षण करेगी। सभी संसाधन दुरुस्त मिलने पर ही एमबीबीएस की सीट की मान्यता मिलेगी। इधर, नीट का परीक्षा परिणाम घोषित हो गया है। 15 दिन में काउंसिलिंग शुरू करानी होगी। ऐसे में इस सत्र में निर्माणाधीन कॉलेजों में दाखिला होना संभव नजर नहीं आ रहा है।



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