
उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन
विस्तार
प्रदेश में बिजली खपत का रिकॉर्ड टूट गया है। रविवार को 26672 मेगावाट बिजली की खपत हुई है। ऐसे में पावर कॉरपोरेशन ने सभी निगमों को अलर्ट कर दिया है। सब स्टेशनवार समीक्षा करते रहने के निर्देश दिए गए हैं। पावर कॉरपोरेशन के अफसरों का मानना है कि अगले सात दिन अहम होंगे। इस दौरान बिजली खपत 27531 मेगावाट तक पहुंच सकती है। ऐसे में कॉरपोरेशन 28 हजार का लक्ष्य लेकर तैयारी में जुटा है।
प्रदेश में पिछले वर्ष जून में अधिकतम बिजली खपत 26589 मेगावाट तक पहुंची थी। इसी के त हत कॉरपोरेशन ने इस वर्ष के लिए अधिकतम सीमा 27531 निर्धारित किया है, लेकिन जिस गति से खपत का आंकड़ा बढ़ रहा है। उसे देखते हुए 28 हजार की तैयारी की गई है। प्रदेश में बिजली खपत की स्थिति देखी जाए तो हर दिन 100 से 200 मेगावाट के बीच खपत बढ़ रही है।
10 जून को खपत 26131 मेगावाट थी, जो 11 जून को बढ़कर 26672 तक पहुंच गई है। एक तरफ बिजली की मांग बढ़ रही है तो दूसरी उत्तर प्रदेश विद्युत उत्पादन निगम की अनपरा और ललितपुर की एक-एक इकाइयों के ठप होने से 1210 मेगावाट का उत्पादन गिर गया है। उत्पादन और खपत के बीच गैप बढ़ने की वजह से कॉरपोरेशन की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।
ऐसे में बैकिंग और आयातित बिजली के जरिए काम चलाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदेश को केंद्र से 13219 मेगावाट बिजली मिल रही है। इसे बढ़ाकर 14 हजार तक पहुंचाने की तैयारी है। इसी तरह बैकिंग के जरिए अभी 4869 मेगावाट बिजली मिल रही है, जिसे बढ़ाकर 5500 तक करने की तैयारी है।
ग्रामीण इलाके में लगातार कटौती
यूपी स्टेट लोग डिस्पैच सेंटर की रिपोर्ट में प्रदेश के ग्रामीण इलाके में सिर्फ आठ मिनट की कटौती दिखाई गई है, जबकि हकीकत यह है कि बिजली की मांग बढ़ते ही तीन से छह घंटे की कटौती हो रही है। रविवार को जौनपुर में सुबह आठ बजे से 11 बजे तक कटौती की गई। इसी तरह गोंडा, बहराइच, अंबेडकर नगर, बांदा, कन्नौज सहित अन्य जिलों में भी कटौती का दौर जारी है। विभागीय अफसर इसे लोकल फॉल्ट क नाम देकर अपना गला बचा रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर लोकल फाल्ट के मामले में उपभोक्ताओं की क्या गलती है?
कितना तय है आपूर्ति का शिड्यूल
ग्रामीण इलाके में 18 घंटे
नगर पंचायत में 21.30 घंटे
तहसील में 21.30 घंटे
जिला और मंडल मुख्यालय पर 24 घंटे
बुंदेलखंड में 20 घंटे
महानगर में 24 घंटे
औद्योगिक क्षेत्र में 24 घंटे
इस तरह बढ़ती-घटती रही खपत
22 मई को 26136 मेगावाट
एक जून को 23833 मेगावाट
चार जून को 25200 मेगावाट।
आठ जून को 26000 मेगावाट
10 जून को 26131 मेगावट
11 जून को 26672 मेगावाट
क्या कहते हैं जिम्मेदार
बिजली की खपत लगातार बढ़ रही है। उपभोक्ताओं को निर्बाध रूप से बिजली देने के निर्देश दिए हैं। जहां कटौती की शिकायतें आई हैं, उसकी वजह लोकल फाल्ट है। इसे दूर करने के लिए निरंतर प्रयास किया जा रहा है। हर दिन समीक्षा करके जहां समस्या आ रही है उसे दूर कराया जा रहा है। मांग के अनुसार पर्याप्त बिजली का इंतजाम किया जा रहा है।
– एम देवराज, अध्यक्ष उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन
निर्माणाधीन यूनिटों का कार्य तेज करने के निर्देश
प्रदेश में निर्माणाधीन यूनिटों का कार्य तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। उत्पादन बढ़ाने के लिए ओबरा 660 मेगावाट की एक यूनिट को 30 जून तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है तो जवाहरपुर यूनिट को 15 जुलाई से शुरू करने की तैयारी है। यहां एक-एक यूनिटें निर्माणाधीन हैं।
पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष एम देवराज ने विडियो कांफ्रेसिंग करके इन यूनिटों की स्थिति की जानकारी दी। निर्देश दिया कि निर्धारित तिथि पर दोनों यूनिटों का संचालन हर हाल में शुरू किया जाएगा। निर्माणाधीन इकाइयों के कार्य के बारे में जानकारी लेते हुए यह भी निर्देश दिया कि कार्य में देरी पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
ठप इकाइयों को चलाने पर जोर
शनिवार को ब्वायलर ट्यूब लीकेज होने की वजह से अनपरा और ललितपुर की एक-एक इकाई का उत्पादन ठप हो गया है। इससे 1210 मेगावाट उत्पादन प्रभावित हुआ है। इन दोनों इकाइयों को ठंडा करने के लिए रविवार को भी अफसरों की टीम लगी रही। उत्पादन निगम के प्रबंध निदेशक पी गुरु प्रसाद ने अतिरिक्त टीमें भेजकर प्लांट को ठंडा करने और सोमवार दोपहर बाद मरम्मत का काम शुरू करने का निर्देश दिया है।
