
सांकेतिक तस्वीर
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बेसिक शिक्षा विभाग प्रदेश के विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाएगा। इसके तहत विद्यालयों में बच्चों की औसत उपस्थिति को 10 फीसदी बढ़ाने का लक्ष्य सभी बीएसए को दिया गया है। ताकि निपुण भारत के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। इसके लिए सभी डायट प्राचार्य व बीएसए को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
इसके तहत सभी डायट प्राचार्य, बीएसए, बीईओ, मेंटर व शिक्षकों से कहा गया है कि वह बच्चों के स्कूल में नियमित उपस्थिति के महत्व को उजागर करें। इसके लिए नियमित अनुश्रवण व अभिभावकों से संपर्क करें। उपस्थिति बढ़ाने के लिये बहु-आयामी रणनीति अपनाएं ताकि उनका शैक्षिक उपलब्धि स्तर भी बढ़ाया जा सके। इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने कहा है कि बच्चों की कम उपस्थिति के मूल कारणों का विश्लेषण करें।
उन्होंने कहा कि शिक्षक व बच्चों के बीच आत्मीय संबंध विकसित करें। निरीक्षण व अनुश्रवण के माध्यम से उपस्थिति पर विशेष ध्यान दिया जाए। आउटरीच प्रोग्राम के अंतर्गत अभिभावकों/ ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों के साथ बैठक, घर भ्रमण व शिक्षा चौपाल का आयोजन करें। उन्हें डीबीटी के लाभ, पढ़ाई के लाभ के बारे में अवगत कराएं। अगर बच्चे अपने भाई-बहन की देखभाल में लगे हैं तो उन्हें आंगनबाड़ी केंद्रों की जानकारी दें।
