
सांकेतिक तस्वीर
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प्रदेश में व्यक्तिगत शादी अनुदान का लाभ लेने के लिए सालाना आयसीमा बढ़ाकर एक लाख रुपये तक करने पर विचार किया जा रहा है। अभी तक गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवार ही इस योजना का लाभ ले सकते हैं। योजना में मिलने वाली सहायता राशि भी 20 हजार रुपये से बढ़ाकर 35 हजार रुपये करने की योजना है।
इस संबंध में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। अभी व्यक्तिगत शादी अनुदान योजना का लाभ उन्हीं परिवारों को मिलता है, जिनकी ग्रामीण क्षेत्र में सालाना आमदनी 46080 रुपये और शहरी क्षेत्र में 56460 रुपये से अधिक नहीं है। वर्तमान में लागू आयसीमा कम होने के कारण तमाम जरूरतमंद योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। हालांकि, आयसीमा बढ़ाने के विभाग के प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय शासनस्तर पर ही लिया जाना है।
योजना के तहत गरीब कन्याओं की शादी के लिए एकमुश्त सहायता राशि दिए जाने का प्रावधान है। इस समय मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में कन्या को 35 हजार रुपये मिलते हैं। इसलिए व्यक्तिगत शादी अनुदान के तहत दी जानी वाली राशि को भी सामूहिक विवाह योजना के बराबर करने का प्रस्ताव भेजा गया है। यहां बता दें कि व्यक्तिगत शादी अनुदान योजना में 150 करोड़ रुपये बजट का प्रावधान है।
