
सांकेतिक तस्वीर
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राज्य कर विभाग में चार साल से एक ही पद पर जमे सहायक आयुक्तों के ट्रांसफर कर दिए गए। पहले चरण में 259 सहायक आयुक्तों को इधर से उधर किया गया है। शेष करीब 112 सहायक आयुक्तों की ट्रांसफर लिस्ट भी जल्द जारी होगी।
कोविड और अन्य कारणों से चार साल से एक ही जिले और एक ही पद पर बैठे सहायक आयुक्तों के ट्रांसफर रुके थे। इस वजह से सबसे ज्यादा शिकायतें सचल दल और विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) में जमे सहायक आयुक्तों की आ रही थीं। इस बीच शासन की ट्रांसफर नीति आ गई, जिसमें कहा गया था कि किसी विभाग में बीस फीसदी से ज्यादा अधिकारियों और कर्मचारियों के ट्रांसफर न किए जाएं।
चूंकि राज्य कर विभाग में चार साल से ट्रांसफर नहीं हुए थे जबकि सचल दल में तैनात टीम की एक साल में ट्रांसफर की नीति है, इसलिए बीस फीसदी से ज्यादा ट्रांसफर की अनुमति शासन से मांगी गई थी। पूरे प्रदेश के 400 से ज्यादा सहायक आयुक्तों का ट्रांसफर भी बड़ी चुनौती थी। आखिरकार लंबी जद्दोजहद के बाद बुधवार को 259 सहायक आयुक्तों की सूची जारी हो गई। पहले चरण में सचल दल और प्रवर्तन में उन सभी अधिकारियों को हटा दिया है जो लंबे समय से तैनात थे।
वर्ष 2018 बैच के नए अधिकारी और प्रोन्नत अधिकारियों की सूची आनी बाकी है। इनकी संख्या करीब 112 है। इसके बाद डिप्टी कमिश्नर, ज्वाइंट कमिश्नर और एडीश्नल ग्रेड-2 की लिस्ट जल्द जारी होगी। इसके अतिरिक्त वाणिज्य कर अधिकारियों के भी कम ट्रांसफर हुए थे। एक और लिस्ट उनकी भी जारी की जाएगी।
असंतोष खत्म, संघ पदाधिकारियों से मिलीं वाणिज्य कर कमिश्नर
अपने ही अधिकारियों और कर्मचारियों के संगठन प्रतिनिधियों से मुलाकात न करने की नाराजगी राज्य कर आयुक्त मिनिस्ती एस ने दूर कर दी। आयुक्त द्वारा मान्यता प्राप्त संगठनों को आमंत्रित करने पर उत्तर प्रदेश वाणिज्य कर सेवा संघ, उत्तर प्रदेश वाणिज्य कर अधिकारी सेवा संघ, उत्तर प्रदेश वाणिज्य कर िमनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन, वाणिज्य कर सांख्यिकी एसोसिएशन ने मुलाकात की। उन्होंने सभी की समस्याएं सुनीं और नियमित संवाद के लिए आमंत्रित किया। आश्वासन दिया कि विभाग की समस्याओं की निराकरण किया जाएगा।
