
टीबी की बीमारी
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प्रदेश में हर टीबी मरीज का पंजीयन करने के लिए अभियान चलाया जाएगा। पंजीयन के बाद संबंधित मरीज के खाते में निक्षय पोषण योजना के तहत हर माह 500 रुपये भेजा जाएगा।
सरकार की ओर से पंजीकृत टीवी मरीजों को हर माह 500 रुपये दिया जाता है। कई बार मरीजों के पंजीकरण में दिक्कत होती है। ऐसे में वह पोषण राशि से वंचित रह जाते हैं। इस समस्या को देखते हुए सरकार की ओर से हर माह 15 तारीख को स्वास्थ्य केन्द्रों पर निक्षय दिवस का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन के जरिये गत 10 माह के दौरान 8406 टीबी मरीजों की पहचान कर इलाज शुरू किया गया।
सरकारी अस्पतालों के साथ ही अब निजी क्षेत्र में चिन्हित टीबी मरीजों का पंजीयन बढ़ाने के लिए प्रदेश में सात से 14 दिसंबर तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस वर्ष निजी क्षेत्र के पंजीयन का प्रदेश का लक्ष्य लगभग 2.24 लाख तय किया गया है। इसमें 88 प्रतिशत पूरा हो गया है। स्वास्थ्य विभाग की महानिदेशक डॉ. दीपा त्यागी ने इसके लिए प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों और जिला क्षय रोग अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पंजीयन बढ़ाने के साथ ही छूटे हुए मरीजों को निक्षय पोर्टल पर पंजीकरण कराना सुनिश्चित करें।
15 दिसंबर तक टीबी मरीजों के खाते में पैसे भेजने के निर्देश
डॉ. दीपा त्यागी ने सीएमओ को निर्देश दिया है कि निक्षय पोषण योजना के तहत टीबी मरीजों को पोषण के लिए मिलने वाली 500 रुपये राशि का जल्द भुगतान करें। उन्होंने कहा है कि टीबी मरीजों को पहली किश्त के रूप में मिलने वाली 1000 रुपये की राशि का भुगतान 15 दिसंबर तक करें। लगभग 1.47 लाख टीबी मरीजों के खाते में पहली किश्त भेजनी है।
जिन मरीजों के बैंक खाते का विवरण उपलब्ध नहीं है, उसे भी जल्द अपडेट किया जाए। निक्षय पोषण के तहत इस साल अब तक लगभग 4.05 लाख रोगियों को सहायता दी जा चुकी है। योजना के तहत 2018 से अब तक करीब 20 लाख रोगियों को लाभान्वित करते हुए 517 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
