उत्तर प्रदेश में अंतिम मतदाता सूची से नाम कटने के 15 दिन के भीतर लोग जिला निर्वाचन अधिकारी (डीएम) के यहां अपील कर सकेंगे। डीएम के फैसले से भी संतुष्ट नहीं हुए तो यह फैसला आने के 30 दिन के भीतर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के यहां अपील कर सकते हैं। उत्तर प्रदेश में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) में करीब 6-7 लाख नाम काटे जाने की उम्मीद है।

अभी तक के कार्यक्रम के अनुसार, अंतिम मतदाता सूची 10 अप्रैल को जारी होगी। 27 अक्तूबर को फ्रीज की गई मतदाता सूची में 12.55 करोड़ नाम थे। इनमें से 2003 की मतदाता सूची से मिलान न होने पर 1.04 करोड़ और तार्किक त्रुटि के चलते 2.22 करोड़ लोगों को नोटिस दिए गए। नोटिस की सुनवाई की प्रक्रिया शत-प्रतिशत पूरी हो चुकी है। अब सभी को अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन का इंतजार है।

कॉलम में विलोपित लिखा होगा

मतदाता सूची से जो नाम हटाए जाएंगे, वे नाम मतदाता सूची में उसी क्रमांक पर रहेंगे, लेकिन उसके आगे के कॉलम में डिलीटेड (विलोपित) लिखा होगा। साथ ही नाम विलोपित किए जाने का कारण ई (मृतक), एस (स्थानांतरित), आर (पुनरावृत्ति), एम (लापता) और क्यू (अयोग्य) लिखा होगा। संबंधित बूथ के अंतिम पृष्ठ पर विलोपित (हटाए गए) मतदाताओं की कुल संख्या भी लिखी होगी।



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