
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव।
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निकाय चुनाव के बीच सपा लोकसभा 2024 का तानाबाना बुनने में जुटी है। पार्टी हर कदम लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर उठा रही है। खुद का वोटबैंक बढ़ाने के साथ ही दूसरे राज्यों के नेताओं की एकजुटता पर जोर दे रही है। पार्टी की कोशिश है कि किसी भी तरह से लोकसभा चुनाव में अपनी सीटें बढ़ाकर राष्ट्रीय राजनीति में छाप छोड़े।
यही वजह है कि सोमवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लखनऊ पहुंचे और अखिलेश यादव के साथ मंत्रणा की। सपा लगातार जातीय जनगणना कराने की मांग रही है। बिहार सहित विभिन्न राज्यों के तमाम दल भी यही मांग कर रहे हैं। पार्टी संविधान और डॉ. आंबेडकर के सपनों की दुहाई देकर वोटबैंक बढ़ाने के अभियान में जुटी है।
पार्टी की कोशिश है कि प्रदेश में उसका वोटबैंक 40 फीसदी के आसपास पहुंच जाए। इसके लिए एमवाई (मुस्लिम-यादव) के बजाय सर्वसमाज पर फोकस किया जा रहा है। दलित वोटबैंक को रिझाने के लिए लगातार अभियान चला रही है। बसपा संस्थापक कांशीराम की मूर्ति अनावरण के साथ ही डॉ. आंबेडकर की जन्मस्थली पर जाकर सपा अध्यक्ष ने दलितों के बीच संदेश देने का प्रयास किया है।
अखिलेश का हर कदम अब लोकसभा चुनाव को देखकर आगे बढ़ रहा है। इसी रणनीति के तहत वह तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के अलावा मध्य प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, दिल्ली सहित अन्य राज्यों का दौरा कर चुके हैं। इन राज्यों के विभिन्न नेताओं से मुलाकात कर भविष्य की रणनीति बनाई है। यही वजह है कि सोमवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव खुद लखनऊ पहुंचे।