भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव को देखते हुए सिविल डिफेंस को और बेहतर करने की कवायद तेज कर दी गई है। केंद्र सरकार के हालिया निर्देश पर प्रदेश के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) स्वयंसेवकों को सिविल डिफेंस वॉरियर्स के रूप में तैयार किया जाएगा। उन्हें आपातकालीन स्थिति में सहयोग के लिए विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी।
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केंद्रीय युवा कार्यक्रम व खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने बीते दिनों बैठक कर एनएसएस के सभी क्षेत्रीय निदेशकों, राज्य संपर्क अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए हैं। एनएसएस की राज्य संपर्क अधिकारी डॉ. मंजू सिंह ने बताया कि प्रदेश में उच्च व माध्यमिक शिक्षा में एनएसएस वॉलंटियर की संख्या 3.21 लाख है। ये स्वयंसेवक आपात स्थिति में देश की सहायता करने के लिए सिविल डिफेंस की विशेष ट्रेनिंग लेंगे। प्रशिक्षण में युवाओं को आपदा प्रबंधन, प्राथमिक चिकित्सा और सामुदायिक सुरक्षा आदि की जानकारी दी जाएगी।
इसके लिए युवा कार्यक्रम मंत्रालय द्वारा दिए गए माई भारत पोर्टल पर सिविल डिफेंस वॉरियर्स को पंजीकरण कराना होगा। कहा, देश की वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए इस पोर्टल से ज्यादा से ज्यादा युवाओं का पंजीकरण कराना है। उन्होंने सभी शिक्षण संस्थानों में एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारियों को भी इसके निर्देश दिए हैं जिससे ज्यादा युवा देश सेवा के लिए प्रशिक्षित हो सकें।