बरेली जिले के कई होनहारों ने यूपी पीसीएस 2024 परीक्षा में कामयाबी का परचम लहराया है। दो बच्चों की मां 34 वर्षीय आकांक्षा ने पहले प्रयास में कामयाबी पाई है। 42 वर्षीय संविदा कर्मचारी ने तीसरे प्रयास में सफलता पाई। किसान के बेटे का चयन असिस्टेंट कमिश्नर पद पर हुआ है। जिले के कई अन्य युवाओं का चयन नायब तहसीलदार समेत अन्य पदों पर हुआ है। इसमें किसी ने ऑनलाइन तो कुछ ने ऑफलाइन पढ़ाई कर परचम लहराया है। कुछ ऐसे भी हैं जिन्होंने पहले यूपीएससी को लक्ष्य बनाया, कामयाबी नहीं मिली तो यूपीपीएससी पर फोकस किया।
पति और ससुर के प्रोत्साहन से मिली कामयाबी
दुर्गा नगर की 34 वर्षीय आकांक्षा सक्सेना वर्तमान में बेसिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक हैं। उनका चयन नायब तहसीलदार के पद पर हुआ है। वह बताती हैं कि वर्ष 2009 में 18 वर्ष की उम्र में उनकी शादी हो गई थी। तब वह स्नातक द्वितीय वर्ष की छात्रा थीं। इसके बाद ससुर योगेंद्र कुमार कंचन के सहयोग से उन्होंने स्नातक की पढ़ाई पूरी की, फिर बीएड किया। वर्ष 2013 में केदारनाथ त्रासदी में ससुर के लापता हो जाने के बाद पति शिवम सक्सेना के सहयोग से उन्होंने अपनी पढ़ाई व गृहस्थी सुचारु रूप से चलाई। इस बीच उनके दो बच्चे भी हुए। वह बताती हैं कि उन्होंने यूट्यूब से पढ़ाई की, किसी विशेष कोचिंग का सहारा नहीं लिया।
