राम मंदिर भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि समिति की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संभावित कार्यक्रम पर विस्तार से चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी 25 नवंबर को अयोध्या पहुंचेंगे, जहां वे मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों का अवलोकन करेंगे और प्रथम तल पर स्थापित श्रीराम दरबार की प्रतिमाओं के दर्शन करेंगे।

मिश्र ने बताया कि इस कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा तैयार कर प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि अब मंदिर परिसर में सुंदरीकरण, प्लांटेशन और आर्किटेक्चरल कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि पूरा क्षेत्र आध्यात्मिकता और भव्यता का संगम बने। मिश्र ने जानकारी दी कि संग्रहालय के निर्माण और तकनीकी विकास का जिम्मा आईआईटी, चेन्नई की सहयोगी संस्था ‘परिवर्तन’ को दिया गया है। 

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लगभग 50 करोड़ रुपये की लागत वाले इस एग्रीमेंट की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। उन्होंने बताया कि 25 नवंबर को राम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण का कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसके लिए रक्षा मंत्रालय के विशेषज्ञों की सहायता ली जा रही है ताकि किसी भी तकनीकी बाधा से बचा जा सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जन्मभूमि परिसर के सातों मंदिरों के शिखर पर ध्वज फहराएंगे।

ध्वज नायलॉन पैराशूट कपड़े से तैयार किए गए हैं, जिन पर केसरिया रंग की पृष्ठभूमि में ‘ॐ’ का प्रतीक अंकित रहेगा। यह कार्यक्रम लगभग तीन घंटे का होगा, जिसका शुभ मुहूर्त दोपहर 12 से 12:30 बजे के बीच निर्धारित है। श्रद्धालुओं का आगमन केवल आमंत्रण के आधार पर होगा, जबकि आम जनता के लिए दर्शन अगले दिन से शुरू होंगे।



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