
UP Police
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पीएसी की 35वीं वाहिनी में मुख्य आरक्षी सुमेर सिंह (बदला हुआ नाम) की सेवानिवृत्ति में तीन महीने शेष हैं। उम्र के इस पड़ाव पर कुछ बीमारियां भी घेर रही हैं। फिर भी कंधे पर स्टार लगाने की चाहत में दरोगा (प्लाटून कमांडर) के पद पर पदोन्नति के लिए 3.2 किमी की दौड़ में शामिल होंगे।
सुमेर की तरह परीक्षा में पीएसी के 90 ऐसे मुख्य आरक्षी हिस्सा लेने जा रहे हैं, जिनकी उम्र 50 से 59 वर्ष के बीच है। इनमें से कुछ तो जल्द ही सेवानिवृत्त होने वाले हैं। बता दें कि पीएसी में दरोगा (प्लाटून कमांडर) बनने के लिए 122 मुख्य आरक्षी 3.2 किमी की दौड़ की परीक्षा में शामिल होंगे।
यह परीक्षा उप्र पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आगामी तीन अक्तूबर को महानगर स्थित पीएसी की 35वीं वाहिनी में आयोजित होगी। पदोन्नति के लिए दौड़ लगाने के इस नियम के दायरे में नागरिक पुलिस के सिपाही से लेकर आईपीएस नहीं आते हैं, जबकि उनका मूल कार्य ही अपराधियों को दबोचना है।
हालांकि पीएसी और अग्निशमन सेवा के कर्मियों को पदोन्नति पाने के लिए दौड़ना जरूरी है। पीएसी की दशकों पुरानी इस समस्या का आज तक समाधान भी नहीं हो सका है। इस नियम को समाप्त करने पर कई बार मंथन तो हुआ, लेकिन प्रस्ताव कैबिनेट की चौखट तक नहीं पहुंच सका।
