
यूपी रोडवेज।
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एटा डिपो की बस में पकड़ा गया फर्जी टिकट का मामला भारी पड़ गया है। चालक, परिचालक और टीआई (यातायात निरीक्षक) पर कार्रवाई के बाद अब एआरएम भी फंस गए हैं। निगम के प्रबंध निदेशक मासूम अली सरवर ने उन्हें निलंबित किया है। उन पर परिचालकों के साथ मिलकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया है।
11 जून को डिप्टी कलेक्टर राजकुमार मौर्य ने एटा डिपो की एक बस का औचक निरीक्षण किया था। इस बस में एआरएम का चचेरा भाई संविदा परिचालक संदीप कुमार तैनात था। बस में 21 से अधिक यात्रियों से पैसे लेने के बाद भी टिकट नहीं दिया गया था। एक सादा पर्ची पर हाथ से लिखकर टिकट के रूप में यात्रियों को पर्ची थमा दी गई थी। मामला पकड़ में आने के बाद परिचालक के विरुद्ध थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। चालक और परिचालक की संविदा समाप्त कर दी गई। साथ ही एटा के टीआई ऋषि दीक्षित को अलीगढ़ आरएम ने निलंबित कर दिया।अब एआरएम राजेश यादव के निलंबन की कार्रवाई की गई है।
प्रबंधन निदेशक मासूम अली सरवर द्वारा की गई कार्रवाई में स्पष्ट कहा गया है कि एआरएम राजेश यादव परिवहन निगम की छवि धूमल कर रहे हैं। परिचालकों के साथ मिलकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने में लगे हुए हैं। इनके ऊपर आरोप है कि समय से मार्गों पर चेकिंग नहीं कराई जा रही है। जिसके चलते परिवहन निगम को आर्थिक रूप से नुकसान पहुंच रहा है। इसके अलावा यह अपने दायित्व और कर्तव्य भी सही तरीके से नहीं निभा रहे हैं। इन सब बातों को देखते हुए एआरएम को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।ए
