UP: Safety license mandatory for 85 electrical products of home use like mixer, hand blender,

मिक्सर जूसर के लिए लाइसेंस।
– फोटो : अमर उजाला।

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मिक्सी, हैंड ब्लैंडर जैसे घरेलू इस्तेमाल के 85 इलेक्ट्रिकल उत्पादों के लिए सेफ्टी लाइसेंस अनिवार्य कर दिया गया है। वहीं, घटिया प्लाईवुड पर अंकुश लगाने के लिए केवल भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) द्वारा प्रमाणित प्लाईवुड ही बाजार में बिकेगी। प्लाईवुड श्रेणी में दिसंबर और घरेलू इस्तेमाल के इलेक्ट्रिकल उत्पादों की श्रेणी में जनवरी से सेफ्टी लाइसेंस अनिवार्य कर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य घरों को सुरक्षित बनाना है। विश्व मानक दिवस पर ये जानकारी बीआईएस के प्रदेश प्रमुख सुधीर बिश्नोई ने दी।

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सोमवार को गोमती नगर में आयोजित समारोह में बिश्नोई ने बताया कि इलेक्ट्रिकल उत्पादों में गुणवत्ता संबंधी बढ़ती शिकायतों को देखते हुए जनवरी से इसे बनाने वाली सभी कंपनियों को सेफ्टी लाइसेंस लेना होगा। इसका आदेश जारी कर दिया गया है। यूपी में इलेक्ट्रिकल घरेलू उत्पाद का बाजार 10 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का है।

वहीं, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश कुमार पाठक ने कहा कि आम जनजीवन को बेहतर बनाने के लिए मानकीकरण बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि हम जो भी निर्माण करते हैं, गुणवत्तापूर्ण करते हैं। कोरोना काल से पहले चीन के उत्पाद छाये थे लेकिन गारंटी नहीं थी। अलीगढ़ के ताले सदियों चलते हैं, यही भारत की गुणवत्ता है।

देश में पहली बार यूपी की कंपनी को विशेष प्रमाणन

इस अवसर पर देश में पहली बार दो श्रेणी में बीआईएस प्रमाणन हिंडाल्को को दिए गए। पहला प्रमाणन एल्यूमिनियम शीट और दूसरा एयरोप्लेन शीट का सेफ्टी लाइसेंस दिया गया। हिंडाल्को की इकाई सोनभद्र में है। इसी तरह उत्तर प्रदेश में पहली बार ईसीजी मशीन, मल्टी प्रेशर मॉनिटर (आईसीयू) और एनेस्थसिया मशीन को सेफ्टी लाइसेंस दिया गया। पांच साल में जीरो डिफेक्ट उत्पाद बनाने वाली इकाइयों को भी पहली बार सम्मानित किया गया। इन इकाइयों के मार्केट सैम्पल साल में दो बार लिए गए और पांच साल में कभी फेल नहीं हुए। इन इकाइयों का निरीक्षण भी किया गया। इनमें चुनार सीमेंट, ग्रे पोस्ट इंडस्ट्रीज, सुपर टेनरी, सुपर हाउस, महामाया एलॉय, इंडिया पेस्टिसाइड और अल्ट्रा टेक सीमेंट आदि शामिल हैं।

स्टार्टअप में गुणवत्ता पर खास फोकस

बिश्नोई ने बताया कि बीआईएस का स्टार्टअप पर खास फोकस है। इसी तरह स्मार्ट सिटी के लिए भी मानक बनाया जा रहा है। 45 जिलों के 41 हजार से ज्यादा ग्राम प्रधानों को बीआईएस के जागरूकता व प्रशिक्षण कार्यक्रम से जोड़ा गया है। स्कूलों और तकनीकी संस्थानों में 300 से ज्यादा स्टैंडर्ड क्लब बनाए गए हैं। अभी बीआईएस 650 उत्पादों का मानकीकरण कर रहा है। इस अवसर पर आईआईए के पूर्व अध्यक्ष अनिल गुप्ता, पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स के क्षेत्रीय निदेशक अतुल श्रीवास्तव, भारतीय उद्योग परिसंघ के निदेशक आलोक शुक्ला और बीआईएस के उपनिदेशक जितेश कुमार आदि मौजूद रहे।



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