उप निरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर भर्ती परीक्षा रविवार को सम्पन्न हुई। भर्ती परीक्षा के दोनों दिन 10.77 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए। करीब एक तिहाई अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। वहीं एक सॉल्वर समेत चार आरोपी गिरफ्तार किए गए। अब तक भर्ती परीक्षा के मामले में कुल आठ गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। करीब एक दर्जन एफआईआर भी दर्ज की जा चुकी हैं।

वाराणसी के लक्सा क्षेत्र के सनातन धर्म इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र से पवन कुमार नाम से परीक्षा दे रहे शख्स को गिरफ्तार किया गया। जांच में पता चला कि उसका असल नाम विमलेश कुमार है। वह अपने भाई पवन की जगह पर परीक्षा देने पहुंचा था। वह फिरोजाबाद का रहने वाला है। उसके पास से फर्जी आधार कार्ड आदि बरामद हुआ। लक्सा थाने में केस दर्ज किया गया। इसके अलावा बदायूं में एक संदिग्ध अभ्यर्थी पकड़ा गया और मेरठ में दो आधार कार्ड लेकर पहुंचा अभ्यर्थी भी धरा गया। दोनों आधार कार्ड में उसकी उम्र अलग अलग थी।

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परीक्षा पास कराने का दावा कर 22 लाख तक की डिमांड

एसटीएफ की मेरठ फील्ड यूनिट ने शनिवार रात थाना राया क्षेत्र के मोहल्ला शिवपुरी स्थित रजनी लाइब्रेरी के पास से अनुज कुमार को दबोच लिया। वह ग्राम हवेली, थाना राया, जनपद मथुरा का निवासी है। तलाशी के दौरान उसके पास से एक मोबाइल फोन, उपनिरीक्षक भर्ती के दो एडमिट कार्ड, अन्य परीक्षाओं के चार एडमिट कार्ड, आठ व्हाट्सएप चैट और सामान्य ज्ञान की एक पुस्तक बरामद की गई। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता है। इसी दौरान उसकी मुलाकात गोपाल रावत नाम के युवक से हुई थी, जो अभ्यर्थियों को उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा पास कराने का झांसा देकर करीब 22 लाख रुपये तक की मांग करता था। अनुज का काम अभ्यर्थियों को तलाश कर उन्हें गोपाल से मिलवाना था।



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