उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां के खिलाफ कथित अभद्र और अमर्यादित टिप्पणी करने के आरोपी मौलाना अब्दुल्लाह सालिम कमर कासमी चतुर्वेदी को यूपी एसटीएफ ने सोमवार देर शाम पूर्णिया जिले से गिरफ्तार कर लिया।
मूल रूप से अररिया जिले के जोकीहाट निवासी मौलाना को पूर्णिया के अमौर थाना क्षेत्र के दलमालपुर चौक से उस समय पकड़ा गया, जब वे वहां मौजूद थे। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद सीमांचल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
मौलाना अब्दुल्लाह सालिम पर आरोप है कि उन्होंने रमजान के दौरान एक मजहबी जलसे में मुख्यमंत्री की माता के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया था। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में विरोध प्रदर्शन हुए थे। मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि राज्य के 83 थानों में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
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यूपी एसटीएफ लंबे समय से उनकी लोकेशन ट्रेस कर रही थी, जो सोमवार को पूर्णिया के अमौर में मिली। इस बीच AIMIM विधायक अख्तरुल ईमान ने गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सादे कपड़ों में आए लोगों ने मौलाना को अचानक उठा लिया, जिसे स्थानीय लोगों ने पहले अपहरण समझा।
हालांकि बाद में स्थानीय पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह यूपी एसटीएफ की टीम थी, जो ट्रांजिट रिमांड पर मौलाना को अपने साथ ले गई है।
गिरफ्तारी से पहले मौलाना ने एक वीडियो जारी कर दावा किया था कि उनके पुराने बयान को काट-छांटकर गलत तरीके से पेश किया गया है और यह एक राजनीतिक साजिश है। बावजूद इसके, यूपी पुलिस ने उन्हें मुख्य आरोपी मानते हुए कार्रवाई की है।
गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थकों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि यूपी एसटीएफ उन्हें उत्तर प्रदेश ले जाने की तैयारी में है, जहां दर्ज मामलों में उनसे पूछताछ की जाएगी। पूर्णिया और अररिया के सीमावर्ती इलाकों में एहतियात के तौर पर पुलिस प्रशासन अलर्ट पर है।
