UP: Tomato prices double in one month, NABARD assesses, expectation of softening in two weeks

टमाटर की कीमतें।
– फोटो : अमर उजाला

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टमाटर की कीमत इन दिनों आसमान छू रही है। फुटकर मंडी में यह 80 से 100 रुपये किलो के बीच बिक रहा है। राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) की जुलाई रिपोर्ट के मुताबिक एक महीने में टमाटर की कीमत दोगुनी हो गई है। थोक कारोबारियों के मुताबिक जुलाई के आखिरी हफ्ते से टमाटर के भाव कम होने शुरू हो जाएंगे क्योंकि तबतक बंगलुरु से सप्लाई आने लगेगी।

आठ जून को 34 रुपये किलो से बढ़कर 8 जुलाई को टमाटर 62 रुपये किलो हो गया। केवल जुलाई में ही टमाटर 79 फीसदी महंगा हुआ है। इस दौरान थोक भाव 26 रुपये से बढ़कर 50 रुपये किलो हो गए। टमाटर के मुख्य उत्पादक राज्य बिहार, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, गुजरात, ओडीशा, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और मध्यप्रदेश हैं। देश में सबसे ज्यादा टमाटर की पैदावार मध्य प्रदेश में होती है।

उत्तर प्रदेश में मिर्जापुर के राजगढ़ में बड़े पैमाने पर टमाटर की खेती होती है। यहां के टमाटर कानपुर, प्रयागराज, लखनऊ, वाराणसी के साथ-साथ बंगलुरु और नेपाल तक भेजे जाते हैं। लखनऊ के आसपास बाराबंकी, अयोध्या, उन्नाव में भी टमाटर की खेती की जाती है। 

टमाटर के थोक कारोबारी मोहम्मद जियाउद्दीन ने बताया कि पहले तो मानसून का सीजन देर से शुरू होने की वजह से उन किसानों की फसल खराब हो गई, जिन्होंने गर्मियों में फसल बोई थी। वहीं बाद में भारी बारिश ने रही सही कसर पूरी कर दी। इस वजह से टमाटर की फसल खराब हो गई। उन्होंने बताया कि बारिश के कारण बाढ़ से यातायात प्रभावित होने का असर भी सप्लाई पर पड़ा है।

थोक कारोबारी हरीशंकर गुप्ता के मुताबिक 15-20 दिन में टमाटर के भाव नियंत्रित हो जाएंगे। तबतक बंगलुरू से टमाटर आने लगेगा। उन्होंने बताया कि फरवरी में बारिश कम होने के कारण स्टाॅक पहले से कम था, लेकिन जल्द अगस्त के पहले हफ्ते से भाव नीचे आने लगेंगे।

 



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