
गर्मी से नहीं मिली राहत
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प्रचंड गर्मी से प्रदेश को बुधवार को भी राहत नहीं मिली, हालांकि इस दौरान पारे में गिरावट दर्ज की गई, कहीं-कहीं छिटपुट बारिश भी हुई। कानपुर 45.1 डिग्री के साथ सर्वाधिक गर्म रहा। दूसरी तरफ बेहाल करती इस भीषण गर्मी के बीच 23 से 25 जून के बीच प्रदेश में तीव्र बरसात के आसार हैं, जो मानसून के आने का भी संकेत दे रहे हैं। हालांकि मौसम वैज्ञानिक 48 घंटे बाद मानसून के आने की तारीखों की घोषणा करेंगे।
मौसम विभाग के मुताबिक, अरब सागर से आ रही नमी के प्रभाव से प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में बादलों की आवाजाही एवं आंधी के साथ हुई छिटपुट बारिश हुई है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश में आ रही उत्तरी पश्चिमी हवाओं के कारण बुधवार को दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। कानपुर और आगरा को छोड़कर ज्यादातर हिस्सों में तापमान 42 डिग्री से 44.6 डिग्री के बीच रहा। हालांकि यह सामान्य से अभी 6.5 डिग्री सेल्सियस अधिक बना हुआ है। वहीं रात का पारा भी सामान्य से 6.4 डिग्री अधिक दर्ज हुआ और ज्यादातर हिस्सों में 29 से 32 डिग्री के बीच रहा।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में जारी रहेगा राहत का दौर
आंचलिक मौसम विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, पिछले कई दिनों से प्रदेश भर में चल रही भीषण लू की परिस्थितियों में सुधार हुआ। आगामी 24 घंटों के दौरान तापमान में और गिरावट के परिणामस्वरूप प्रदेश में लू के क्षेत्रफल में और कमी आने के आसार हैं। 19 जून से प्रदेश में कहीं-कहीं हो रही छिटपुट बारिश का दौर आगे भी जारी रहेगा। 21 जून से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तापमान में आ रही गिरावट थमेगी और 23 जून तक पारे में वृद्धि दर्ज की जा सकती है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में तापमान में आ रही गिरावट 21 जून के बाद भी जारी रह सकती है। 22 जून के बाद लू से निजात मिलने की सम्भावना है।
48 घंटे में बिहार के कुछ हिस्सों में मानसूनी सक्रियता के आसार
मौसम विभाग के मुताबिक, 23 जून से पूर्वी उत्तर प्रदेश जबकि 25 जून से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश की तीव्रता और इसका दायरा बढ़ेगा। आगामी 48 घंटों के दौरान महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश और उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों तथा पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के शेष हिस्सों और बिहार के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। मानसून की पूर्वी शाखा के बिहार एवं झारखण्ड में आगे बढ़ने के उपरान्त ही मानसून के उत्तर प्रदेश में आगे बढ़ने के सम्बन्ध में स्थिति स्पष्ट होगी। शुक्रवार तक मानसून की स्थित और स्पष्ट हो जाएगी।