आगरा ग्रामीण क्षेत्र की दो प्रमुख समस्याओं ग्वालियर रोड पर जलभराव और इनर रिंग रोड परियोजना से प्रभावित किसानों के मुआवजे के संबंध में कैबिनेट मंत्री बेबीरानी मौर्य ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर जल्द निर्णय की मांग उठाई है।

बेबीरानी मौर्य ने बताया कि सेवला सराय से ककुआ नहर तक ग्वालियर रोड के दोनों ओर हर बारिश में जलभराव की गंभीर समस्या बनी रहती है। इससे आवागमन बाधित होता है और हादसों के साथ संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। समस्या के स्थायी समाधान के लिए सीएंडडीएस, उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) की ओर से 108.63 करोड़ रुपये की लागत से आरसीसी ड्रेनेज निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

मंत्री ने कहा कि जिलाधिकारी आगरा की ओर 30 अक्तूबर 2025 को यह प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है, लेकिन अब तक स्वीकृति नहीं मिल सकी है। इसके अलावा, इनर रिंग रोड एंड लैंड पार्सल इंटरचेंज योजना (तृतीय चरण) से प्रभावित किसानों का मुद्दा भी बैठक में प्रमुखता से उठाया गया। वर्ष 2009-10 में ग्राम रोहता, जखौदा, इटौरा, पचगाई पट्टी देवरी सहित छह गांवों की भूमि अधिग्रहित की गई थी, लेकिन लंबे समय से परियोजना पर कार्य शुरू नहीं हो सका है।

हाल ही में सड़क के एलाइमेंट में बदलाव के बाद किसानों में असंतोष और बढ़ गया है। किसानों ने अधिग्रहित भूमि को अर्जन मुक्त करने या वर्तमान सर्किल रेट के आधार पर चार गुना मुआवजा देने की मांग की है। मौर्य ने मुख्यमंत्री से दोनों मामलों में शीघ्र निर्णय लेकर संबंधित विभागों को निर्देशित करने का आग्रह किया है, जिससे क्षेत्र के लोगों और किसानों को राहत मिल सके। इस दौरान किसान नेता श्याम सिंह चाहर, यशपाल राना, राजकुमार, विष्णु चौधरी, गौरव चौधरी, अशोक कुमार और सुनील कुमार मौजूद रहे।

 



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