जल जीवन मिशन के तहत ‘हर घर नल’ योजना के क्रियान्वयन को लेकर उठ रहे सवालों और अपने ही दल के विधायक से विवाद के बाद जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं पर सख्ती दिखाया। चरखारी विधायक ब्रजभूषण राजपूत द्वारा खुलेआम सड़क पर घेराव किए जाने के बाद बुलाई गई बैठक में मंत्री ने बुंदेलखंड और विन्ध्य क्षेत्र के शत-प्रतिशत घरों में 30 दिन में जलापूर्ति शुरू करने का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने तय समय सीमा में जलापूर्ति शुरू न करने वाली कंपनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के भी निर्देश दिए हैं।

विधायक से विवाद के बाद जलशक्ति मंत्री पहली बार सोमवार को जल निगम (ग्रामीण) के सभागार में विन्ध्य, बुंदेलखंड के जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। दोनों क्षेत्रों में धीमी गति से कार्य कर रही बीजीसीसी और एलएंडटी पर नाराजगी जताते हुए मंत्री ने कहा कि तय समय में काम पूरा नहीं हुआ, तो कंपनी के मालिकानों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराकर जेल भेजा जाएगा। भविष्य में कोई और विधायक योजना के क्रियान्वयन पर सवाल न उठाए, इसलिए मंत्री ने योजना के क्रियान्वयन से संबंधित अधिशासी अभियंताओं को योजना के तहत हो रहे कार्यों की हर जानकारी क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से देने के भी निर्देश दिए हैं। ग्रामीणों से भी संवाद करके उनकी समस्याओं का समाधान कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।

ये भी पढ़ें – गुंडा-माफिया से मुक्त हुआ प्रदेश, पर्यटन और रोजगार के बढ़े मौके; सदन में पेश की गई आर्थिक समीक्षा-सर्वेक्षण



ये भी पढ़ें – विधानसभा गेट पर बैठे सपा विधायक, राज्यपाल के अभिभाषण से मायावती असंतुष्ट; केशव का बड़ा बयान 


जलशक्ति मंत्री ने कहा कि शत-प्रतिशत जलापूर्ति से अच्छादित होने के बाद उन सभी गांवों में 8 से 22 मार्च तक जल उत्सव मनाया जाएगा। राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन ने प्रदेश के करीब 22,000 गांवों में जल उत्सव मनाने की तैयारी भी शुरू कर दी है। बैठक के दौरान अपर मुख्य सचिव नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति अनुराग श्रीवास्तव, जल निगम ग्रामीण के एमडी डॉ राजशेखर, राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के अधिशासी निदेशक प्रभाष कुमार मौजूद थे।



सिर्फ 4-5 परियोजनाओं के काम ही पूरे नहीं हुए


समीक्षा के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए जलशक्ति मंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड और विन्ध्य क्षेत्र की सभी परियोजनाओं की समीक्षा में 4-5 को छोड़कर सभी परियोजनाओं का कार्य 100 फीसदी कार्य पूरा कर लिया गया है। अधिकतर गांवों में 100 प्रतिशत जलापूर्ति की जा रही है। उन्होंने बताया कि करीब तीन फीसदी गांवों में पाइपलाइन डैमेज या अन्य कारणों से नियमित जलापूर्ति प्रभावित हुई है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *