परिवहन विभाग में निजी कार्यदायी संस्था के माध्यम से कार्यरत 320 कर्मचारियों को बाहर करने की तैयारी है। परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने शुक्रवार को इस संबंध में आदेश जारी कर नई कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया है।

यह कदम ट्रांसपोर्टनगर आरटीओ संजय तिवारी की सिफारिश के बाद उठाया गया है, जिन्होंने इन कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार और दलालों से मिलीभगत के आरोप लगाए थे। हाल ही में ट्रांसपोर्टनगर आरटीओ संजय तिवारी ने परिवहन आयुक्त किंजल सिंह को पत्र लिखकर इन कर्मचारियों को हटाने का अनुरोध किया था। हालांकि कर्मचारियों ने इन आरोपों को खारिज किया था।

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किंजल सिंह ने सभी नई कार्यदायी संस्थाओं को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने आरटीओ संजय कुमार तिवारी के आरोपों को शामिल करते हुए इन कर्मचारियों को भ्रष्टाचार करने और विभाग की छवि धूमिल करने की बात कही है।

परिवहन आयुक्त ने निर्देश दिया है कि पूर्व कार्यदायी संस्था (स्मार्ट चिप) के किसी कर्मचारी को नई कार्यदायी संस्था रखती है तो वह यह सुनिश्चित करे कि उसका जिला बदल दिया जाए। साथ ही कर्मचारियों ने जहां-जहां काम लिया है, वहां के एआरटीओ से कर्मचारियों की कार्यशैली पर रिपोर्ट भी जरूर लें।

इसके अलावा इन कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन जरूर कराएं। इन कर्मचारियों का कहना है कि वे सोमवार को परिवहन आयुक्त से मुलाकात कर अपनी बात रखेंगे।



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