NPS money of 4200 teacher-employees invested in private insurance banks, FIR instructions

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
– फोटो : amar ujala

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प्रदेश में अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक (एडेड) विद्यालयों में एक अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त/कार्यरत शिक्षक-कर्मचारियों के न्यू पेंशन स्कीम (एनपीएस) के पैसे की कटौती में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। विभाग के कर्मचारियों ने अधिकारियों की मिलीभगत से 25 जिलों के 4200 से अधिक शिक्षक-कर्मचारियों का पैसा नियम विपरीत प्राइवेट बीमा कंपनियों में जमा कर दिया। 

शासन ने इस मामले की जांच कराकर जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। शासन के निर्णय के अनुसार एक अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त/कार्यरत शिक्षक व कर्मचारियों के वेतन से की गई कटौती व सरकार का अंश, निर्धारित बीमा कंपनियों में जमा करना था। 

किंतु दो दर्जन से अधिक जिलों में विभागीय नियमों के विपरीत संबंधित कर्मियों की सहमति के बिना ही यह पैसा प्राइवेट बीमा बैंकों में जमा कर दिया गया। शिक्षकों ने जब इसकी जानकारी अधिकारियों को दी तो उनके हाथ-पांव फूल गए।

शिक्षा निदेशक माध्यमिक डॉ. महेंद्र देव ने सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक, मंडलीय उप शिक्षा निदेशक, डीआईओएस व वित्त एवं लेखाधिकारी को 25 जिलों की सूची भेजी है। इसमें उन्होंने कहा है कि इन जिलों में एक अप्रैल 2022 से आठ नवंबर 2023 के बीच के 4257 परमानेंट रिटायरमेंट एकाउंट नंबर (प्रान) के मामले सामने आए हैं। 



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