
प्रदेश के कई जिलों में आज बारिश हुई।
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राजधानी लखनऊ समेत उत्तर प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में प्री मानसूनी बरसात का असर दिखने लगा है। हालांकि मानसून अभी भी पूरी तरह से प्रदेश में नहीं आया है। जिन हिस्सों में अभी तक मानसून पूर्व बरसात के छींटे नहीं पड़े थे, वो भी सोमवार को भीगे। लखनऊ में भी मौसम बदला और दोपहर बाद से बादल छाए, आंधी के आसार बने, पर तेज हवा चलती रही। इसके बाद बारिश की दस्तक कुछ तेज हुई। प्रदेश में एक दिन की बरसात का औसत 1.2 मिमी रहा। लखनऊ में 7.1 मिमी बरसात हुई। वाराणसी में 14 मिमी से अधिक पानी बरसा। अलीगढ़ में 10.2 मिमी बरसात हुई। बाराबंकी, गोरखपुर, बहराइच, फतेहगढ़, बरेली, मेरठ, आगरा समेत प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में कहीं तेज तो कहीं हल्की से मध्यम बरसात हुई।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, मध्य राजस्थान से बांग्लादेश तक विस्तारित पूर्वी-पश्चिमी मानसूनी टर्फ के प्रभाव से नम पुरवा हवा चल रही है। इसके कारण एक पश्चिमी विक्षोभ स्थिर बना हुआ है। प्रदेश में हल्की व मध्यम बारिश का दौर जारी है। मानसून ने मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अधिकतर प्रभाव को भिगोया है। मानसून सोनभद्र के पास ठिठका है। 24 घंटे में कभी भी आगे बढ़ सकता है, यूपी में कभी भी इसका प्रवेश हो सकता है। जिसके परिणामस्वरूप 26 जून से पूर्वी उत्तर प्रदेश जबकि 27 जून से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में वर्षा के क्षेत्रफ़ल एवं तीव्रता में वृद्धि के साथ कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना है।
इन इलाकों में हुई अच्छी बारिश
कासगंज, इटावा, फिरोजाबाद, हमीरपुर, ललित पुर, महोबा, मैनपुरी, संभल, अंबेडकर नगर, आजमगढ़, बाराबंकी, चित्रकूट, गोंडा, जौनपुर, कन्नौज, कानपुर नगर, कानपुर देहात, खीरी, मिर्जापुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, सोनभद्र, वाराणसी में भी अच्छी बरसात हुई।
