संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने शुक्रवार को साल 2025 के फाइनल परिणाम जारी कर दिया। देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली इस परीक्षा में लखनऊ के मेधावियों ने कामयाबी का परचम लहराया है। राजधानी लखनऊ से परीक्षा की तैयारी करने वाले विमल कुमार को ऑल इंडिया 107वीं रैंक मिली हैं। जबकि अलीगंज निवासी आदर्श पांडेय को 347वीं रैंक प्राप्त हुई है।

अलग-अलग पृष्ठभूमि से आने वाले इन अभ्यर्थियों की कहानियां यह साबित करती हैं कि दृढ़ संकल्प, अनुशासन और निरंतर प्रयास से किसी भी लक्ष्य तक पहुंचा जा सकता है। किसी ने गांव की सादगी से उठकर यह मुकाम पाया, तो किसी ने विदेश में नौकरी करते हुए भी देश सेवा का सपना नहीं छोड़ा। इन युवाओं की उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए उम्मीद और प्रेरणा का संदेश है।

किसान के बेटे हैं विमल कुमार

इससे पहले वर्ष 2024 में भी यूपीएससी इंटरव्यू तक पहुंचा था। इस बार ईश्वर की कृपा और माता-पिता के आशीष से आल इंडिया 107वीं रैंक हासिल हुई। मैं रायबरेली के चांदेमऊ गांव का निवासी हूं। पिता रामदेव किसान हैं और मां सियावती देवी गृहिणी हैं। प्रारंभिक शिक्षा जवाहर नवोदय विद्यालय से हासिल की, इसके बाद परिश्रम किया और आईआईटी दिल्ली से स्नातक किया। गांव की पृष्ठभूमि से आने के कारण कई चुनौतियां सामने आती हैं लेकिन मेहनत और धैर्य से उन्हें पार किया जा सकता है। तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों से कहना चाहूंगा कि विपरीत परिस्थितियों में भी हार न मानें और खुद पर भरोसा बनाए रखें। – विमल कुमार , 107वीं रैंक

यूपीएससी में मिली 278वीं रैंक 

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में मुझे 278वीं रैंक प्राप्त हुई है। मैंने लखनऊ के राम मनोहर लोहिया नेशनल लाॅ यूनिवर्सिटी से 2023 बैच में पढ़ाई पूरी की और दिल्ली यूनिवर्सिटी से एलएलबी किया। मूल रूप से बरेली का रहने वाला हूं। वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस कर रहा हूं। मेरे पिता डॉ. पंकज कुमार भारत सरकार के कृषि मंत्रालय में कार्यरत हैं और मां वंदना रानी जापानी भाषा विशेषज्ञ हैं। इस वर्ष 26 जनवरी को मुझे नेशनल यूथ आइकॉन के रूप में राष्ट्रपति भवन में आमंत्रित किया गया। पिछले वर्ष विकसित भारत यंग लीडर कॉन्क्लेव में 40 लाख युवाओं में विजेता बना और भारत मंडपम में प्रधानमंत्री को प्रस्तुति देने का अवसर मिला।– वनज विद्यान, 278 रैंक

पहले भी पास की है परीक्षा

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में मुझे 347वीं रैंक प्राप्त हुई है। लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र का निवासी हूं। मूल रूप से मेरा परिवार अमेठी जिले के संग्रामपुर से जुड़ा है। मैंने इंटरमीडिएट की पढ़ाई एलपीएस जानकीपुरम शाखा से की और इसके बाद सिटी लॉ कॉलेज, चिनहट से एलएलबी ऑनर्स किया। इससे पहले मैं यूपीएससी सीएसई 2024 भी पास कर चुका हूं और वर्तमान में भारतीय डाक सेवा में प्रशिक्षण ले रहा हूं। मेरी सफलता का आधार सेल्फ स्टडी, अनुशासन और स्पष्ट योजना रही है। मेरा मानना है कि निरंतर मेहनत और सही रणनीति से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।- आदर्श पांडेय, 347वीं रैंक

नौकरी करते हुए की पढ़ाई

पिछले दस वर्षों से अमेरिका में गूगल में स्टाफ सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्य कर रहा हूं। नौकरी जारी रखते हुए मैंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 402वीं रैंक हासिल की। इस सफर में मेरे पिता, सेवानिवृत्त स्टेट बैंक अधिकारी अरुण कपूर, मां रुचि कपूर और बड़े भाई आयुष कपूर मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा रहे। अमेरिका और भारत के समय अंतर को मैंने अपनी ताकत बनाया और ऑफिस के बाद नियमित पढ़ाई व ऑनलाइन मॉक टेस्ट देता रहा। सिलिकॉन वैली में काम करते हुए भी मेरे मन में देश सेवा का सपना था, जिसने मुझे निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।– पीयूष कपूर, 402वीं रैंक

 



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