जौनपुर उत्कर्ष मिश्रा को मिली 337वीं रैंक 

जौनपुर जिले के विकासखंड तुलापुर निवासी चन्द्रेश मिश्रा के पुत्र उत्कर्ष मिश्रा को शुक्रवार को संघ लोक सेवा आयोग द्वारा जारी सिविल सेवा परीक्षा 2025 के अंतिम परिणाम में 337 वीं रैंक प्राप्त हुई। उत्कर्ष पिछली बार भी साक्षात्कार दिए थे लेकिन अंतिम चयन से बाहर हो गए थे। यह इनका पांचवां प्रयास था। आईआईटी कानपुर से इन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया था। उत्कर्ष की स्कूली शिक्षा बरेली जनपद से आईसीएससी बोर्ड से हुई है। सिविल सेवा परीक्षा में इनका एच्छिक विषय भी मैकेनिकल इंजीनियरिंग ही रहा। उत्कर्ष की माता शशिकला मिश्रा गृहणी हैं और पिता चन्द्रेश मिश्रा इंजीनियरिंग और मेडिकल तैयारी के लिए बरेली में कोचिंग सेंटर चलाते हैं। उत्कर्ष के छोटे भाई हर्ष मिश्रा भी आईआईटी कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक किए हुए हैं। उत्कर्ष के चयन पर पारसनाथ मिश्रा, केदारनाथ मिश्रा ओंकारनाथ मिश्रा, बीडी मिश्रा और धनंजय मिश्रा ने हर्ष व्यक्त किया और पूरे गांव में खुशी का माहौल है।

कठिन परिश्रम और लगन से शिक्षा ने पाई 453वीं रैंक

बलिया जनपद के हल्दी थाना क्षेत्र के पियरौटा निवासी अरुण पाठक की पुत्री शिक्षा पाठक ने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 453वीं रैंक हासिल कर जनपद का सिर ऊंचा कर दिया है। उनकी सफलता से न सिर्फ परिवार, बल्कि गांव में खुशी का माहौल है। शिक्षा ने कठिन परिश्रम, लगन और परिवार के सहयोग से यह मुकाम हासिल किया है।

शिक्षा पाठक ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव और आसपास के स्कूलों से पूरी की। आगे की पढ़ाई के लिए प्रयागराज और दिल्ली में रहीं। यूपीएससी की तैयारी के दौरान उन्होंने लगातार 2-3 साल तक कड़ी मेहनत की। शिक्षा ने बताया कि परिवार का पूरा सहयोग, शिक्षकों का मार्गदर्शन और अपनी मेहनत से यह सफलता मिली। उनकी रैंक 453 आने से बलिया जिले में खुशी की लहर दौड़ गई। परिणाम आने के बाद परिवार में खुशी का ठिकाना नहीं रहा। गांव में मिठाइयां बांटी गईं और लोगों ने उन्हें बधाई देने के लिए उनके घर पहुंचना शुरू कर दिया। शिक्षा ने कहा कि सफलता के लिए मेहनत, धैर्य और सही दिशा में प्रयास जरूरी है। युवा भी अगर लगन से पढ़ाई करेंगे तो जरूर सफल होंगे।



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