आगरा के बाह-पिनाहट में धौलपुर के पार्वती (आंगई) बांध से छोड़े गए पानी से उटंगन नदी उफान पर है। बुधवार को उफनाई नदी के पानी में तोड़ा गांव का पुल (रपट) डूबा गया है। सेहा, तोड़ा, सीयपुरा, शाहपुर खालसा गांव का तहसील मुख्यालय फतेहाबाद से संपर्क कट गया है। पुल के 7 फीट ऊपर से पानी बह रहा है। रास्ते भी डूब गए हैं।
कछार की फसलें पहले ही डूब कर नष्ट हो गई हैं। अब तराई के खेतों में उफान का पानी भर गया है। इससे बाजरा, तिल, सब्जियों की फसल नष्ट होने का खतरा बढ़ गया है। आबादी क्षेत्र में पानी आने के अंदेशे से ग्रामीण सहमे हुए हैं। तोड़ा के प्रधान नेमीचंद ने बताया कि कछार के बाद तराई के खेतों में फसलें नष्ट होने के अंदेशे से किसान चिंतित हैं। उफान से नदी किनारे के गांव तोड़ा, सेहा, अरनोटा, गुरावली, सेरब, सबोरा, बीधापुरा, बसई अरेला, बसई भदौरिया, कांकरखेड़ा, मानिकपुरा, पिढौरा, कौंध, रीठई गांव प्रभावित होंगे। बाह के एसडीएम हेमंत कुमार ने बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ा है। आबादी क्षेत्र प्रभावित नहीं होता है। नजर रखी जा रही है।
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चढ़ने लगी यमुना
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उटंगन का पानी आने से चढ़ने लगी यमुना, रास्तों पर भरा पानी
बाह के रीठई गांव में उटंगन और यमुना नदी का संगम होता है। उटंगन का पानी आने से 2 दिन उतरने के बाद यमुना नदी फिर बढ़ने लगी है। बाह के 35 गांवों में कछार और तराई के खेतों में यमुना नदी के उफान का पानी भरा हुआ है। यमुना का पानी बड़ापुरा, विक्रमपुर, चरीथा, गगनकी, कचौराघाट गांव तक पहुंच गया है। विक्रमपुर में तराई की झोंपड़ी से लेकर मंदिर तक यमुना नदी का पानी भर गया है। कचौराघाट में शिव मंदिर की सीढि़यों से होकर यमुना नदी बह रही है। तराई के गांवों के नदी से जुड़ने वाले कच्चे रास्तों पर भी पानी भर गया है।
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बाढ़ से जूझ रही 12 हजार की आबादी
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चंबल में बाढ़ से जूझ रही 12 हजार की आबादी
चंबल में आई बाढ़ की समस्या से बाह तहसील के 18 गांवों की 12 हजार की आबादी जूझने को मजबूर है। पिछले माह आई बाढ़ में 3 हजार से ज्यादा रकबे में बाजरा, तिल और सब्जियों की फसलें तबाह हो गईं थी। बाढ़ के बाद 2 दिन में चंबल नदी का जलस्तर 6 मीटर घटा है। 130.30 मीटर के स्तर तक पहुंची नदी का जलस्तर बुधवार को 124.30 मीटर रह गया है। नदी का पानी उतरने के बाद कछियारा, रेहा, डगोरा, झरनापुरा, गुढ़ा गांव के रास्ते साफ हो गये हैं। लेकिन कीचड़ और दलदल से भरे रास्ते मुसीबत बने हुए हैं।
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गांव में पानी
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रेहा के प्रधान अजय कौशिक ने बताया कि रास्ते साफ कराए जाएंगे। रानीपुरा, गोहरा, भटपुरा गांव की सड़क की पुलिया के पास पानी भरा हुआ है। इससे तीनों गांवों का बुधवार को भी तहसील मुख्यालय से संपर्क कटा रहा। खेड़ा राठौर के प्रधान विजय उर्फ भूरे ने बताया कि आधी सड़क पर काफी पानी भरा हुआ है। वहीं, कैंजरा और पिनाहट घाट पर बुधवार को पांचवें दिन भी मोटरबोट नहीं चली। रास्तों पर कीचड़ भरा होने की बजह से रानीपुरा, भटपुरा, गोहरा, गुढ़ा, रेहा, डगोरा, कछियारा की बिजली नहीं जुड़ सकी है।
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नदी में उफान
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सिमराई के प्रधान जयवीर सिंह, रेहा के प्रधान अजय कौशिक ने जनहित में बिजली आपूर्ति बहाल किए जाने की मांग अधिकारियों से की है। चंबल की बाढ़ के पानी में नदी से जुड़ने वाले खादर और कच्चे रास्ते अभी भी डूबे हुए हैं। खादर और खेतों में 6 से 8 मीटर तक पानी भरा हुआ है। एसडीएम बाह हेमंत कुमार ने बताया कि चंबल नदी का जलस्तर लगातार घट रहा है। रास्ते साफ होने के बाद बाढ़ में हुए फसल और घरों के नुकसान का आंकलन कराया जाएगा।