वाराणसी शहर में अलाव के आंच की हकीकत यह है कि जहां लकड़ी गिराई गई, वहां मानक से कम मिल रही है। कुछ पार्षदों का आरोप है कि कहीं कागज पर अलाव जला रहे हैं, तो कहीं अलाव की लकड़ी पांच से 10 किलो कम दी जा रही है। ठिठुर रहे लोगों के लिए अलाव जलाने का दावा नगर निगम प्रशासन भले ही करे, लेकिन उसके दावे और हकीकत में काफी फर्क है।

चांदपुर चौराहे पर अलाव के लिए लकड़ी की व्यवस्था नहीं है। रात को दुकानदार और राहगीर ठंड में ठिठुरते हैं। पार्षद हारून अंसारी ने कहा कि नगर निगम को जनता की चिंता नहीं है। चार दिनों से ठंड चरम पर होने के बावजूद मेरे वार्ड के छह स्थानों में कहा जा रहा तो तीन जगह अलाव जल रहे हैं। 

लोहता की पार्षद रिजवाना शाहिदा फिरोज नोमानी ने कहा कि क्षेत्र में 10 जगहों पर अलाव जलवाने की मांग की गई थी, लेकिन केवल चार जगह पर ही अलाव जल रहे हैं। पिसौर क्षेत्र के पार्षद गोविंद ने बताया कि उन्होंने उद्यान अधीक्षक से शिकायत की है। कहीं 20 तो कहीं 25 किलो लकड़ी गिराई जा रही है। एक दिन गिराई जाती है और दो-तीन दिन में गायब हो जाती है। 

उन्होंने आरोप लगाया कि लकड़ी गिराने वाले लकड़ी की चोरी करते हैं और पूरी लकड़ी नहीं गिराते। शिवपुर के पार्षद बलिराम कनौजिया ने बताया कि शिवपुर बाजार में चार-पांच पॉइंट पर रोज लकड़ी गिरती है। कोनिया वार्ड के पार्षद अमरदेव यादव, सिगरा के पार्षद सिंधु सोनकर, और गोदौलिया के पार्षद इंद्रेश सिंह ने कहा कि उनके क्षेत्र में अलाव जल रहे हैं। 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अभी अभी की खबरें