
सुल्तानपुर की निषाद बस्ती में वरुण गांधी ने सभा की।
– फोटो : amar ujala
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पीलीभीत से टिकट कटने के बाद भाजपा सांसद वरुण गांधी बृहस्पतिवार को पहली बार चुनाव प्रचार में नजर आए। उन्होंने सुल्तानपुर में ताबड़तोड़ नुक्कड़ सभाएं कीं, जिसमें वे बार-बार भावुक हुए। कहा कि मैं सिर्फ अपनी मां के लिए सुल्तानपुर में प्रचार करने आया हूं। यहां की मिट्टी से पिता संजय गांधी की खुशबू आती है। अब सुल्तानपुर में मां हैं। मां के नाते अब यह मेरी मातृभूमि भी है। इस बीच उन्होंने न भाजपा का नाम लिया और न ही भाजपा नेताओं का।
सुबह सुल्तानपुर पहुंचने पर समर्थकों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने सुल्तानपुर कस्बे की निषाद बस्ती में पहली जनसभा की। यहां से वह मोतीगंज, कुछमुछ, बरगदवा मदनपुर देवरार, छापर गोलवा,मझगवां ,कटघरा चिरान पट्टी, बेरा मारुफपुर, सरैया बाजार, खैरहा, काछा भिटौरा पहुंचे। वरुण गांधी ने कहा कि सुल्तानपुर से उनका पारिवारिक रिश्ता है। वे यहां नेता नहीं, एक बेटे के रूप में आए हैं।
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– वरुण ने कहा कि अभी नहीं जबसे हम पैदा हुए तबसे यह हमारी कर्मभूमि है। यह हमारा परिवार है। हमको यहां की मिट्टी से प्यार है। मुझे पूरा विश्वास है कि इस बार आप लोग सारे रिकॉर्ड तोड़ने जा रहे हैं। मेरा विपक्ष के किसी प्रत्याशी से भी कोई बैर नहीं है। सुल्तानपुर के लोगों पर कोई संकट आए तो वह हर वक्त उपलब्ध रहेंगे। कोई प्रत्याशी मंत्री तो कोई सांसद कहलाता है। लेकिन यहां की जनता मेरी मां को माता जी के नाम से बुलाती है। मैं उसी मां के लिए समर्थन जुटाने के लिए आया हूं। मां ने सभी की बिना भेदभाव मां की तरह सेवा की है। सुल्तानपुर मेरा परिवार है और परिवार वही होता है तो हर वार में साथ दे।
