
सांसद वरुण गांधी
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पीलीभीत लोकसभा सीट से दो बार के सांसद वरुण गांधी ने टिकट कटने के बाद अपने संसदीय क्षेत्र से दूरी बना ली है। भाजपा की ओर से टिकट तय होने के बाद पहली बार मंगलवार को पीलीभीत पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम में भी वे नहीं आए। प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन में सीएम की सभा में मौजूदा सांसद की कमी वहां मौजूद सभी लोगों को अखर रही थी।
मेनका गांधी और वरुण गांधी की कर्मस्थली रही पीलीभीत में 35 वर्ष में यह पहला मौका है, जब इन दोनों में कोई भी मैदान में नहीं है। भाजपा ने वरुण गांधी की जगह प्रदेश के लोकनिर्माण मंत्री जितिन प्रसाद पर दांव लगाया है। हालांकि टिकट कटने के बाद सांसद वरुण गांधी ने अपने लोकसभा क्षेत्र की जनता के लिए भावुक खुला पत्र लिखा था। इसमें मां का हाथ पकड़े तीन साल के बच्चे की अपनी कहानी से अपना नाता भी पीलीभीत की जनता से मजबूत किया।
इसके बाद से यह कयास लगाए जा रहे थे कि भाजपा के चुनाव प्रचार अभियान में वरुण गांधी पीलीभीत आएंगे। मुख्यमंत्री के प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन में स्थानीय नेता व जनता इस उम्मीद में थी कि वरुण गांधी यहां पहुंचेंगे और मंच पर नजर आएंगे। मगर, आखिरकार लोगों को निराशा हाथ लगी। फिलहाल, नौ अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा पीलीभीत में प्रस्तावित है तो स्थानीय लोगों को एक बार फिर उम्मीद है कि वरुण इस कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं।
